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क्या छत्तीसगढ़ में हुआ एक और फर्जी मुठभेड़?

Posted on September 29, 2022 - 7:32 am by

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के थाना आवापल्ली थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिलकापल्ली – टेकमेटला के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच मंगलवार की दोपहर को हुई मुठभेड़ में एक नक्सली को गोली लगी है। उसकी पहचान रायगुड़ा मिलिशिया सदस्य मुचाकी भीमा के रूप में हुई है। जवानों के द्वारा खोजबीन करने पर मौके से जिलेटिन, कार्डेक्स वायर तथा अन्य नक्सली बरामद किया गया है।

26 सितंबर को डीआरजी, एसटीएफ एवं सीतापुर कैंप से केंद्रीय रिजर्व पुलिस 299 की संयुक्त टीम नक्सली अभियान पर टेकमेटला की ओर निकली थी। संयुक्त टीम ने दावा किया है कि इसी बीच नक्सली अपने ओर आता देख, नक्सलियों ने फायरिंग कर दी, इसके बाद जवाबी कार्यवाई से नक्सली भाग खड़े हुए। घायल नक्सली भी भागने की कोशिश में था, लेकिन जवानों ने उन्हे घेरकर पकड़ लिया । एसडीओपी तिलेश्वर सिंह यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि मुठभेड़ में नक्सली को गोली लगी है। घायल नक्सली को बीजापुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के दावों पर सवाल उठने लगे है, ग्रामीणों ने मुठभेड़ को फर्जी बताया

स्थानीय पत्रकार भरत दुर्गम के ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार मुचाकी भीमा की बहन माड़ी सुखैये अपनी टूटी फूटी हिंदी में कहती है कि वो नक्सली नही हैं, वो खेत में काम करता है, उसके पांच बच्चे हैं। उसको कौन पालेगा। वो मॉचली पकड़ के खेत को देखते आ रहे थे इतने में नक्सली बोलकर के पुलिस वाले ले गए। माड़ी सुखैये सवाल करती है कि मेरे भाई को क्यों पकड़ कर के ले गए, वो घर में काम करता है बांसवाड़ा, जगदलपुर घुमता है। मेरे भाई नक्सली नहीं था उसके पास बंदूक या ड्रेस नही था। खेत देखने के दौरान बाहर से आये पुलिस वालों ने बीच रास्ते में पकड़ कर ले गए।

बीजापुर पुलिस ने दावा किया है कि पुलिस और नक्सली की मुठभेड़ चली। जिसमें एक नक्सली घायल हुआ है। उस क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य जानकी कोरसा और ग्रामीणों ने इस मुठभेड़ को फर्जी बताया है। तथा उनका कहना है कि वह नक्सली नही बल्कि एक ग्रामीण है।

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