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शिक्षक भंवरलाल के समर्थन में क्यों सड़क पर उमड़ी आदिवासी जनसैलाब

Posted on September 30, 2022 - 6:16 am by

राजस्थान के डुंगरपुर जिले में सरकारी शिक्षक भंवरलाल परमार के खिलाफ आदिवासी महिलाओं के पहनावे और व्रत त्योहारो पर टिप्पणी करने पर केस दर्ज होने के मामले में आदिवासी परिवार के लोगों ने आक्रोश जताया है। शिक्षक के समर्थन में हजारों की संख्या में आदिवासी परिवार के लोगों ने शहर में रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया व कलेक्ट्रेट पर धरना और ज्ञापन देकर शिक्षक भंवरलाल के खिलाफ दर्ज मुकदमें को वापस लेने की मांग की। धरने में राजस्थान के चौरासी विधायक राजकुमार रोत भी शामिल हुए। मौके पर वक्ताओं ने शिक्षक भंवरलाल परमार के खिलाफ हुए मामले पर कांग्रेस के नेताओं पर षड़यंत्र रचने के आरोप लगाए। सभा में मध्यप्रदेश के आदिवासी नेता महेंद्र कन्नौज ने शिक्षक भंवरलाल परमार के बयान का समर्थन करने की बात कही।

कौन है भंवरलाल परमार

भंवरलाल परमार राजस्थान के डूंगरपुर जिले में एक सरकारी स्कूल में शिक्षक है, इसके अलावा आदिवासी मामलों में सक्रिय रहे है तथा अंधविश्वास आदि मामलों में बेबाक बात रखते है।

क्या है मामला                          

9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर स्पोर्टस् परिसर में भंवरलाल परमार ने सभा को संबोधित करते हुए कुछ टिप्पणी की थी। जिसमें उपवास करने वाली लड़की से विवाह नही, 10-10 बच्चे पैदा करने आदि संबंधित बयान शामिल थे। जिसको लेकर महिलाओं ने डूंगरपुर एसडीएम को ज्ञापन देकर शिक्षक को निलंबित करने की मांग की थी। जिला परिषद सदस्य रेखा कलीसुआ ने मंदिर नही जाने, उपवास न रखने वाले टिप्पणी पर आपत्ति जतायी थी। तथा इसके लिए परमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

केस वापस नही लेने पर जेल भरो आंदोलन की चेतावनी

धरने में शामिल चौरासी विधायक राजकुमार रोत तथा सागवाड़ा विधायक रामप्रसाद डिंडोर ने इस मामले को कांग्रेस के नेताओं का साजिस बताया। उन्होंने कहा कि तीन साल पहले भी इस तरह की घटना हुई थी जिसमें कांग्रेस के नेताओं के कहने पर आदिवासी महिलाओं ने कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया था। शहर में रैली निकाली गई थी। अगर परमार के खिलाफ दर्ज मामले को वापस नही लिया जाता है तो जेल भरो आंदोलन करने की चेतावनी भी दी। और उग्र आंदोलन करने की बात कही।

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