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मध्यप्रदेश: 10 हजार का कर्जा, लेकिन पिता नहीं बचा सका अपने कलेजे के टुकड़े को

Posted on April 4, 2023 - 5:58 pm by

मध्यप्रदेश के रीवा में एक आदिवासी पिता अपने नवजात बच्चे को बचाने मे असफल रहा. उनके पास पैसे नहीं थे तो उन्होंने 10 हजार रूपये का कर्जो लिया, लेकिन रात में ही बच्चे की मौत हो गई.

दरअसल, घटना मध्य प्रदेस के रीवा जिला में स्थित संजय गांधी अस्पताल की है. जहां रामजी कोल नवजात शिशु उपचार के लिए आया था. उसके आदिवासी पिता से दवाएं बाजार से मंगाई. उन्होंने किसी तरह खुन की व्यवस्था की. इसके लिए अस्पताल से की मदद नहीं मिली. इसके लिए पिता ने 10 हजार रु कर्ज लिया.

लेकिन रामजी कोल अपने कलेजे के टुकड़े नवजात जान को बचाने में असफल रहा. 3 अप्रैल की रात 1 बजे बच्चे की मृत्यु हो गई. बच्चे के शव को गांव ले गई एंबुलेंस ने भी 3400 रुपए ले लिए गए.

रामजी कोल रीवी जिले के बौसड पंचायत के कोल्हुआ गांव का रहने वाला है.

रीवा के सचिन कुमार जैन ने इस मामले पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि  बच्चे के जन्म के महज 10 ही दिन हुए थे. लेकिन उसका जच्चा बच्चा कार्ड नहीं बनाया गया. मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था के हालात बेहद दुखदाई हैं. इस मामले में स्वतंत्र जांच होना चाहिए.

कितने दुखद हालात हैं. उम्मीद है कि रामजी कोल पर स्थानीय सत्ताधीश दबाव नहीं डालेंगे और उसकी सुरक्षा की जाएगी. मृत शिशु के शव को गांव ले जाने के लिए 3400 रु लेने की क्या शासकीय व्यवस्था है?

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