Skip to main content

मधु लिंचिंग मामले में 13 को सात साल की सजा, जानिए पूरा मामला

Posted on April 6, 2023 - 11:08 am by

केरल की स्पेशल ST/SC कोर्ट ने मधु लिंचिंग केस में दोषियों को सजा सुनाई. कोर्ट ने 14 में से 13 दोषियों को 7 साल सश्रम कारावास और 16वें आरोपी-मुनीर को 3 महीने जेल की सजा सुनाई है. साथ ही पहले आरोपी पर एक लाख 5 हजार रूपये और बाकी 12 आरोपियों पर एक लाख 18 हजार का जुर्माना लगाया है.

बता दें मंगलवार को स्पेशल कोर्ट जज के.एम.रिथीश कुमार ने 16 आरोपियों में से 14 को दोषी ठहराया था. बाकी दो को बरी कर दिया था.

मार्च 2018 को अट्टापडी के एक आदिवासी व्यक्ति मधु को चोरी के आरोप में स्थानीय लोगों ने पकड़ा था. गांववालों ने उसे पहले तो बांधा फिर पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी.

आरोपियों के खिलाफ IPC और SC/ST एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था. कोर्ट ने आरोपियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया.

कोर्ट ने उन्हें अधिकतम सजा इसलिए नहीं दी, क्योंकि उनमें से एक ने मधू को केला दिया था तो एक ने जूस पिलाया था. अदालत ने कहा कि हर संत का एक अतीत होता है और हर पापी का एक भविष्य होता है.

सजा काफी नहीं

विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) राजेश एम मेनन ने कहा कि आरोपियों को जो सजा मिली है, वह काफी नहीं है. वे आजीवन कारावास के हकदार थे. 16 में से एक आरोपी को पहले ही 304 (2) के तहत पहले ही दोषी ठहराया गया था. बाकी 12 आरोपियों को अतिरिक्त रूप से धारा 326 और 367 के तहत दोषी ठहराया गया है. एसपीपी के अनुसार 12 दोषियों को एससी/एसटी एक्ट के धारा 3(1) (डी) के तहत भी दोषी ठहराया गया है, जिन्हें सात साल के कारावास की सजा सुनाई गई है. मामले के 16वें आरोपी को धारा 352 के तहत दोषी ठहराया गया था. एसपीपी ने कहा कि 16 व्यक्तियों में से दो आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया था.

परिवार सजा से संतुष्ट नहीं

मधु के परिवार ने सजा पर नाराजगी जताई है. मां ने कहा कि सजा पर्याप्त नहीं है। बहन ने भी कहा कि हम सजा से संतुष्ट नहीं हैं. अदालत शायद यह नहीं समझ पाई कि वास्तव में क्या हुआ था, उसे कैसे पीटा गया और जंगल से बाहर लाया गया. अगर हमें न्याय नहीं मिला तो हमें हाईकोर्ट जाना पड़ेगा. हम सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए भी तैयार हैं.

यह था आरोप

पुलिस ने बताया कि मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, मधु के सिर पर चोट के निशान थे और पसलियां टूटने समेत पूरे शरीर पर चोट के निशान थे, साथ ही आंतरिक रक्तस्राव भी हुआ था. उसके परिवार ने कहा था कि मधु मानसिक रूप से अस्वस्थ है. वह पिछले कई महीनों से जंगल में एक गुफा में रह रहा था. उनकी मां और बहन ने बताया कि लगभग 10-15 लोगों का एक समूह जंगल में गया था और पलक्कड़ जिले के वन-किनारे अगाली शहर में कुछ दुकानों से खाद्य सामग्री चोरी करने के आरोप में उनकी पिटाई की थी.

No Comments yet!

Your Email address will not be published.