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केरल के अट्टापडी मधु मॉब लिंचिंग मामले में 14 आरोपी दोषी करार

Posted on April 4, 2023 - 3:12 pm by

केरल के अट्टापडी मधु लिंचिंग मामले में केरल की एससी-एसटी कोर्ट ने 14 आरोपियों को दोषी करार दिया है. मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को बरी भी किया है. सजा का एलान 5 अप्रैल को होगा. बता दें कि मामले में 5 साल बाद फैसला आया है. आदिवासी युवक मधु की फरवरी 2018 में लिंचिंग कर दी गई थी. मन्नारक्कड़ में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के लिए विशेष अदालत मंगलवार 4 अप्रैल को मामले की सुनवाई हुई और बुधवार को सजा सुनाई जाएगी.

यह है पूरा मामला

मधु(30 वर्षीय) की हत्या ने केरल को झकझोर कर रख दिया. मधु पलक्कड़ के अट्टापडी में चिंदक्की आदिवासी बस्ती के रहने वाले थे और ज्यादातर जंगल के अंदर ही रहते थे. एक भीड़ ने मधु पर एक किराने की दुकान से चावल चुराने का आरोप लगाया. उसे पीटकर और बांधकर कई किलोमीटर तक चलने के लिए मजबूर किया गया.

इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया में प्रसारित होने लगीं. तस्वीरें मधु पर हमले से ठीक पहले सोशल मीडिया पर अपलोड की गई थीं. जिसमें एक दुबला-पतला मधु दिख रहा था, उसकी शर्ट फटी हुई थी और उसके हाथ लुंगी से बंधे हुए थे. एक और तस्वीर में एक आदमी मधु से सवाल करता है.

भीड़ ने बाद में मधु को पुलिस के हवाले कर दिया. हालांकि, पुलिस जीप में अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई. पोस्टमॉर्टम से पता चला कि उसकी मौत गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण हुई.

मधु के परिवार में उनकी मां मल्लिका और दो बहनें सरसु और चंद्रिका हैं. लंबे समय से चली आ रही सुनवाई और सरकारी वकीलों के इस्तीफे से परिवार को बहिष्कार और हताशा का सामना करना पड़ा.

मधु की मौत के चार साल बाद जून 2022 में मामले की सुनवाई शुरू हुई. मुकदमे में कई मोड़ आए अभियोजन पक्ष के तीन वकीलों ने मामले से हाथ खींच लिये. 27 अभियोजन पक्ष में से 22 गवाही देने मुकर गए. सितंबर 2022 को केरल हाईकोर्ट ने 16 कथित आरोपियों में से 12 की जमानत रद्द करने के विशेष अदालत के आदेश को बरकरार रखा. मामले में 122 गवाह थे.

अदालत ने इन आरोपियों को दोषी पाया

मन्नारक्कड़ अदालत ने कथित तौर पर इस मामले में सबूत के तौर पर अभियुक्तों द्वारा खुद लिए गए दृश्यों को पाया. अदालत ने पहला (हुसैन), दूसरा (मरक्कर), तीसरा (शमसुधीन), पांचवा (राधाकृष्णन), छठा (अबूबकर), सातवां (सिद्दीकी), आठवां (उबैद), नौवां (नजीब), दसवां (जैजुमन) और बारहवां (सजीवन).

इस मामले में 13वें (सतीश), 14वें (हरीश), 15वें(बीजू) और 16वें (मुनीर) को दोषी ठहराया गया. हालांकि, चौथे(अनीश) और 11वें(अब्दुल करीम) आरोपी को बरी कर दिया गया.

अभियुक्तों पर लगाए गए आरोप इस प्रकार हैं:

पहला आरोपी (हुसैन): आईपीसी की धारा 323, 304, 149 के तहत दोषी ठहराया गया

दूसरा आरोपी (मराक्कर): आईपीसी की धारा 323, 304, 149 और एससी/एसटी कानून के तहत दोषी करार दिया गया

तीसरा आरोपी (शमसुद्दीन): आईपीसी की धारा 323, 304, 149 और एससी/एसटी कानून के तहत दोषी करार दिया गया

पांचवां आरोपी (राधाकृष्णन): आईपीसी की धारा 323, 304, 149 और एससी/एसटी कानून के तहत दोषी करार दिया गया

छठा आरोपी (अबूबकर): आईपीसी की धारा 323, 304, 149 और एससी/एसटी कानून के तहत दोषी करार दिया गया

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