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मध्यप्रदेश: 15 हजार एकड़ जंगल साफ, जंगल बचाने के लिए हजारों आदिवासियों का धरना

Posted on April 6, 2023 - 1:55 pm by

मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में हजारों आदिवासियों ने 6 महीने से हो रहे अवैध वन कटाई के खिलाफ जिला कलेक्टर घेराव किया. यह घेराव जागृत आदिवासी दलित संगठन के नेतृत्व में किया जा रहा है. आदिवासी घागरला, लामसेठी और नेपानगर क्षेत्र में लगातार हो रहे वन कटाई का विरोध किया है. वे वन कटाई को रोकवाने के लिए धरना दे रहे हैं.

आदिवासी बीते 24 घंटे से कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दे रहे हैं. इस बार ग्रामीण हफ्ते भर के आंदोलन की तैयारी के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे हैं. वे अपने साथ सोने और पहनने के कपड़े, भोजन के लिए अनाज और बर्तन भी साथ लाए हैं. उन्होंने बुधवार रात कलेक्ट्रेट परिसर में ही बिताई. गुरुवार को भोजन के रूप में कलेक्ट्रेट परिसर में ही खिचड़ी बनाई गई है.

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सरकार और प्रशासन जंगल की अवैध कटाई कर रहे बाहरी अतिक्रमणकारियों को खदेड़ नहीं देती तब तक वे जंगल बचाने के लिए आंदोलन करते रहेंगे.

जागृत आदिवासी दलित संगठन के अनुसार अब तक 15 हजार से अधिक एकड़ जंगल काटे जा चुके हैं. वन कटाई का विरोध कर रहे आदिवासी पुलिस और वन विभाग के द्वारा जवाब मिलने तक आंदोलन जारी रखेंगे.

नेपानगर विधायक पर फूटा गुस्सा

आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने नेपानगर विधायक सुमित्रा देवी कास्डेकर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उन्होंने कहा कि बीते 6 माह से जंगल कट रहा है, लेकिन एक बार भी विधायक देखने नहीं पहुंची. जब वे ग्रामीणों की समस्या नहीं सुलझा सकती तो उन्हें दोबारा विधायक क्यों बनाएंगे.

ग्रामीण महिलाओं ने खुले रूप में कहा कि आने वाले चुनाव में वे इस सरकार और विधायक के पक्ष में मतदान नहीं करेंगे.

सरकार पर लगाया जंगल बेचने का आरोप

आंदोलन कर रहे ग्रामीणों और महिलाओं ने प्रदेश सरकार पर जंगल बेचने का आरोप भी लगाया है. उन्होंने कहा कि जंगल साफ हो जाने के बाद सरकार उद्योगपतियों को यह जमीन दे देगी. यही वजह है की बाहरी अतिक्रमणकारियों को जंगल काटने की खुली छूट दे दी गई है.

बता दें कि जागृत आदिवासी दलित संगठन इससे पहले भी जंगल की सुरक्षा को लेकर आंदोलन कर चुका है. संगठन प्रमुख माधुरी बेन के नेतृत्व में इस बार आर पार की लड़ाई के मूड से ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे हैं.

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