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हेमंत सोरेन का मास्टर स्ट्रोक: झारखंड में 27 फीसद OBC आरक्षण बिल पास, एसटी व एसससी के 2 फीसद बढ़े

Posted on November 11, 2022 - 4:09 pm by

पूरे झारखंड के लिए आज का दिन विशेष और ऐतिहासिक है. झारखंड विधान सभा से झारखंड वासियों की आत्मा और अस्मिता से जुड़े 1932 खतियान आधारित स्थानीयता और नियुक्ति तथा सेवाओं में आरक्षण वृद्धि का विधेयक पारित हो चुका है. आज पूरा झारखंड जश्न और खुशियां मना रहा है. एक बार फिर झारखंड के लिहाज से 11 नवंबर का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो चुका है. दोनों विधेयकों के सदन से पारित होने के बाद विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा.

झारखंड में हेमंत सरकार ने आरक्षण को बढ़ाकर 77 फीसदी करने का विधेयक पारित कर दिया है. अब प्रदेश में अनुसूचित जनजाति को 28 फीसदी, पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी और अनुसूचित जाति के लिए 12 फीसदी आरक्षण लागू हो जाएगा. इससे पहले पिछड़ा वर्ग को 14 फीसदी, एसटी को 26 व एससी को 10 फीसदी आरक्षण, इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 फीसद आरक्षण प्राप्त था.

इसके साथ ही 1932 खतियान आधारित स्थानीयता विधेयक पारित किया गया.

हमारी सरकार ने निभाया वादा,  अब केंद्र सरकार की जिम्मेदारी

सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने जनता से जो वादा किया था.  उसे निभाने का काम किया है. अब केंद्र सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह झारखंड की भावनाओं के अनुरूप संवैधानिक प्रावधानों के तहत 1932 खतियान आधारित स्थानीयता और नियुक्ति तथा सेवाओं में आरक्षण वृद्धि से संबंधित विधेयक को नौवीं अनुसूची में डालने की पहल करें.  ताकि झारखंड वासियों उनका मान -सम्मान और अधिकार मिल सके. अगर जरूर हुई तो पूरी सरकार दिल्ली में  भी इसके लिए अपनी पूरी ताकत लगाने से पीछे नहीं हटेगी.

सरकार के हर निर्णय का हो रहा जोरदार स्वागत

सीएम ने कहा कि सरकार जो भी निर्णय ले रही है.  उसका झारखंड की जनता जोरदार स्वागत कर रही है. हमारे कार्यों को लेकर हर तरफ हर्ष-उल्लास का वातावरण है. हमारी कार्यप्रणाली से लोगों में काफी उम्मीदें हैं और हम उनकी आशाओं को धूमिल नहीं होने देंगे. सभी को उनका हक -अधिकार और मान -सम्मान देने का जो सिलसिला शुरू हुआ है, अब थमेगा नहीं.

विकास और जनकल्याण के कार्य निरंतर जारी

सीएम ने कहा कि तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए जनकल्याण और विकास के कार्य सरकार लगातार कर रही हैं. लंबे समय से जो समस्याएं यहां व्याप्त थी.  उसे दूर करने का कार्य लगातार जारी है. आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों का जो दुःख- दर्द है.  उसे दूर करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है. सरकार के कदम ना रुके थे और ना रुकेंगे. हम लगातार आगे बढ़ते रहेंगे.

झारखंड के लिए 11 नवंबर का दिन बेहद खास है

झारखंड के लिहाज से 11 नवंबर का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक है. सीएम ने कहा कि 11 नवंबर 1908 को ही छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट वजूद में आया था. वहीं,  पिछले वर्ष 11 नवंबर को झारखंड विधानसभा में सरना अलग धर्म के विधेयक को पारित कर केंद्र सरकार को भेजा गया था. एक बार फिर आज 1932 खतियान आधारित स्थानीयता और नियुक्ति तथा सेवाओं में आरक्षण वृद्धि का विधेयक झारखंड विधानसभा से पारित किया गया है. आदिवासी और मूलवासियों को उनका अधिकार देने के साथ यहां रह रहे सभी लोगों के हितों का भी पूरा ख्याल और संरक्षण किया जाएगा.

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