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आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जनजातीय गौरव कॉरिडोर के लिए 70 हजार करोड़: सरकार

Posted on April 6, 2023 - 1:08 pm by

केंद्र सरकार ने 5 अप्रैल को लोकसभा में बताया कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में रेल बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाने के लिए जनजातिया गौरव कॉरिडोर तैयार की है. वित्तीय वर्ष 2023-24 के केंद्रीय बजट में इसे शामिल किया गया है.

जनजातीय गौरव कॉरिडोर को लेकर एक लिखित जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कॉरिडोर के तहत पहचान की गई परियोजनाओं की डीपीआर की लागत 70 हजार करोड़ है. इस परियोजना में पूरी तरह से या आंशिक रूप से ओडिशा में पड़ने वाली परियोजनाओं को शामिल किया गया है. योजना को लेकर राज्य सरकारों, जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ कई संगठनों, रेल उपयोगकर्ता और आदिवासियों के परामर्श को शामिल किया गया है.

आदिवासी बहुल क्षेत्रों में रेल बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने और आने वाले वर्षों में ऐसे क्षेत्रों में रेल संपर्क को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके लिए वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में 70 हजार करोड़ के लागत से जनजातीय गौरव कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा. जनजातिया गौरव कॉरिडोर’ के रूप में नई लाइन का एक छत्र(An Umbrella) कार्य आवश्यक सरकारी अनुमोदन के अधीन प्रदान किया गया है.

रेल मंत्री ने कहा, “परियोजनाओं का मूल्यांकन डीपीआर में लाए गए मापदंडों के आधार पर किया जाता है, जिसमें ट्रैफिक अनुमानों और सामाजिक-आर्थिक लाभों सहित विभिन्न मापदंडों को शामिल किया जाता है.”

उन्होंने आगे कहा कि जनजाति गौरव कॉरिडोर” सहित नई लाइन परियोजनाओं को पारिश्रमिक, अंतिम मील कनेक्टिविटी, छूटे हुए लिंक और वैकल्पिक मार्गों के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा.

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