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ओडिशा: विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए 75 आदिवासी अचीवर्स सम्मानित

Posted on November 17, 2022 - 3:53 pm by

जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर राज्य के 75 आदिवासी उपलब्धि हासिल करने वालों को सम्मानित किया गया. ये वो लोग हैं जो विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए कार्य किए हैं. यह सम्मान मंगलवार को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा दी गई.


आदिवासियों ने शिल्प व कला के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया
दरअसल भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मनाने के लिए 15 नवंबर को भुवनेश्वर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम का उद्घाटन एसटी और एससी विकास मंत्री जगन्नाथ सरका ने की. उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदायों ने अपनी उत्कृष्ट कला और शिल्प के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है. उन्होंने स्वतंत्रता के लिए ब्रिटिश राज के खिलाफ हुए 85 आदिवासी विद्रोहों और इस प्रक्रिया में शहीद हुए कई आदिवासियों के बारे में भी बताया.


इसके अलावा एससीएसटीआरटीआई के परिसर में अन्य गतिविधियां भी की गई. जिसमें आदिवासी कारीगरों का एक सप्ताह का लाइव प्रदर्शन, आदिवासी नृत्य कार्यक्रम, ओडिशा के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों पर फिल्मों की स्क्रीनिंग, स्वच्छता अभियान और स्वच्छता कार्यकर्ताओं का सम्मान आदि शामिल हैं. इस दौरान आदिवासी कलाकारों ने सबाई, लाक, बांस कारीगरी, पारंपरिक चित्रकला आदि का प्रदर्शन किया. डोंगरिया कोंढ जनजाति ने आकर्षक बुनाई की कौशलता दिखाई.


पूर्व सलाहकार सह निदेशक और एससीएसटीआरटीआई के विशेष सचिव प्रोफेसर एबी ओटा ने जनजातीय गौरव दिवस के महत्व के बार में बातें कही. उन्होंने अपने मुख्य भाषण में राज्य की वृद्धि व विकास प्रक्रिया में जनजातीय लोगों के योगदान पर भी प्रकाश डाला. मौके पर यूएन मांझी, आईआरएस तथा श्रीकांता तराई भी मौजूद रहे.


इस सप्ताहिक कार्यक्रम के दौरान एससीएसटीआरटीआई के निदेशक इंद्रमणी त्रिपाठी ने कला और शिल्प के प्रदर्शन का जायजा ली. साथ ही उन्होंने कलाकारों और शिल्पकारों से बातचीत भी की.

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