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आदि महोत्सव का समापन: आदिवासियों ने अनादिकाल से प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित किया – अर्जुन मुंडा

Posted on February 28, 2023 - 4:28 pm by

दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में चल रहे 11 दिवसीय राष्ट्रीय जनजातीय महोत्सव ‘आदि महोत्सव’ का 28 फरवरी को समापन हो गया. यह मेला बेहद ही खास रहा. इस आदि महोत्सव में देश के आदिवासी समुदायों की कला, शिल्प, संस्कृति, व्यापार और परंपरा देखने को मिला. आदि महेत्सव में तीन करोड़ से अधिक की बिक्री हुई. समापन समारोह में जनजातीय मामलों में मंत्री अर्जुन मुंडा और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव शामिल हुए.

अर्जुन मुंडा ने कहा कि आदिवासी समाज ने अनादिकाल से प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित और उनका संरक्षण किया है. पर्यावरण के संरक्षक आदिवासी समाज ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की समस्‍याओं से निपटने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

वहीं भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह आयोजन स्‍वस्‍थ जीवन शैली को अपनाने पर केंद्रित था. जो भारत के आदिवासी समाज द्वारा अपनाई गई जीवन शैली दुनिया के लिए स्थायी जीवन शैली का उत्‍कृष्‍ट उदाहरण बन सकती है.

उन्होंने यह भी कहा कि जीवन का जनजातीय तरीका स्थिरता में योगदान दे सकता है, क्योंकि यह जीवन जीने का बेहतरीन तरीका है जो पर्यावरण, मानवता और पूरे ग्रह के अनुकूल है. जनजातीय उत्‍सव के दौरान कारीगरों और आगंतुकों के लिए छह सौ से अधिक आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता कार्ड और विभिन्न राज्यों के कारीगरों के लिए 16 आयुष्मान भारत कार्ड बनाए गए.

सभी राज्यों के आदिवासियों ने लिया भाग

इस महोत्सव में 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 500 आदिवासी करीगर और कलाकारों ने भाग लिया. जिसमें 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आदिवासी रसोइया शामिल थे. करीब 20 फूड स्टॉल लगाए गए थे.

आदि महोत्‍सव में आदिवासी उद्यमिता, शिल्प, संस्कृति, भोजन और वाणिज्य की भावना का उत्सव था. जो आदिवासी जीवन के मूल लोकाचार का प्रतिनिधित्व करता है.

इसमें 234 स्टालों के माध्यम से आदिवासी हस्तशिल्प, हथकरघा, पेंटिंग, आभूषण, बेंत और बांस, मिट्टी के बर्तन, भोजन और प्राकृतिक उत्पाद, उपहार और वर्गीकरण, जनजातीय व्यंजन की प्रदर्शनी और बिक्री शामिल थी. आदिवासी कारीगरों, कलाकारों, रसोइयों और सांस्कृतिक मंडलों के एक हजार से अधिक लोगों ने आदि महोत्सव में भाग लिया.

आदिवासी महोत्सव का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. उद्घाटन समारोह में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा शामिल रहे.

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