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आंध्र प्रदेश: सड़क नहीं थी, आदिवासी शव को खंभे से बांध 3 किमी ऊपर पैदल ले पहुंचे गांव

Posted on January 27, 2023 - 6:00 pm by

कोप्पुला रवींद्र (24 वर्षीय) की मौत नरसीपट्टनम क्षेत्र के सरकारी अस्पताल में सोमवार 23 जनवरी की रात को हो गई. वे आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ले जिले के आदिवासी गाँव चालिसिंगम से ताल्लुक रखते हैं.  उनके शरीर को शुरू में पहाड़ी की तलहटी में बसे गांव सीके पाडू तक एक एम्बुलेंस में ले जाया गया था. वहां से उनके परिवार को तीन किलोमीटर तक बेडशीट और लकड़ी के खंभे से बांधकर उनके शरीर को ले जाना पड़ा.

उनके घर को जाने वाली सड़क वाहन के लायक नहीं है. परिवार का कहना है कि उन्हें रात में शव के साथ सीके पाडू में रहना पड़ा क्योंकि पहले से ही अंधेरा था. स्थानीय लोगों के मुताबिक इलाके में यह पहली घटना नहीं है. अक्टूबर 2022 में रविंदर की उम्र के लगभग एक और आदमी की गंभीर बीमारी के कारण मृत्यु हो गई. उनके शरीर को इसी तरह ऊपर की ओर ले जाना पड़ा था.

सरकार से सड़क बनाने का अनुरोध

रवींद्र के शव को ऊपर ले जाने में मदद करने वाले रिश्तेदार नुकाराया के अनुसार यहां तक कि जब कोई बीमार होता है तो हमें उन्हें ऐसे ही ले जाना पड़ता है. हम सरकार से सड़क बनाने का अनुरोध करते हैं.

गिरिजन संगम पांचवीं अनुसूची साधना समिति के जिला अध्यक्ष के गोविंद राव के अनुसार वर्ष 2018-2019 में सीके पाडू से लोसिंघी गांव तक सात किलोमीटर सड़क स्वीकृत की गई थी, जो चालिसिंघम गांव से अधिक ऊंचाई पर स्थित है. उन्होंने कहा कि सरकार में बदलाव के बाद परियोजना ठप हो गई.

चालिसिंगम गांव भगत समुदाय की बस्ती है, जिसकी आबादी लगभग 400 है. पंचायती राज ग्रामीण विकास विभाग के उप अभियंता मोहन राव ने सहमति व्यक्त की कि यह सच है कि सड़क पहले स्वीकृत की गई थी और कहा, “क्षेत्र में जो भी सड़कें थीं, केवल 25% ही पूरी हो पाई थीं. हम स्थिति से अवगत हैं. सरकार के लिए पहले ही एक नया अनुमान भेज दिया है. इसे जल्द ही मंजूरी मिल सकती है.

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