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कांग्रेस को एक और झटका, किस आदिवासी नेता ने छोड़ा पार्टी का साथ

Posted on April 1, 2024 - 6:46 pm by
कांग्रेस को एक और झटका, किस आदिवासी नेता ने छोड़ा पार्टी का साथ

एक के बाद एक कांग्रेस नेताओं का लोकसभा चुनाव के पूर्व बीजेपी में शामिल होना कांग्रेस के लिए मुश्किलें कड़ी कर सकती हैं. सोमवार को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के पहले आदिवासी महापौर विक्रम अहाके ने भी पार्टी छोड़ दी. पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद वो भी बीजेपी में शामिल हो गए. वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमल नाथ के एक प्रमुख वफादार, अहाके का नाम छिंदवाड़ा पार्टी इकाई के एक वर्ग के विरोध के बावजूद 2022 में मेयर पद के लिए सुझाया गया था.

अहाके की पदोन्नति को कांग्रेस द्वारा आदिवासी समुदाय में पैठ बनाने की तथा भाजपा की योजना का मुकाबला करने के प्रयास के रूप में देखा गया था. जो कांग्रेस के वोटिंग आधार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

हाल ही में आदिवासी विधायक और पूर्ववर्ती हर्रई शाही परिवार के सदस्य कमलेश प्रताप शाह के कमल नाथ के बेटे और मौजूदा सांसद नकुल नाथ के साथ मतभेदों पर पार्टी छोड़ने की खबर आयी थी. भाजपा छिंदवाड़ा में कांग्रेस नेताओं को अपने पाले में कर रही है.भाजपा जिले में 2,000 से अधिक नेताओं को तोड़ने का प्रयास कर रही है ताकि वह एकमात्र सीट जीत सके जो पिछले चुनाव में नहीं मिली थी.

कौन हैं विक्रम अहाके

बता दें कि छिंदवाड़ा के राजाखोह दाना गांव के रहने वाले विक्रम अहाके की जड़ें इस क्षेत्र के आदिवासी ताने-बाने में गहराई से जुड़ी हुई हैं. उनकी मां निर्मला एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में काम करती हैं, जबकि उनके पिता नरेश, एक 55 वर्षीय किसान, अपनी मामूली दो एकड़ कृषि जोत में मेहनत करते हैं.

उन्होंने राजनीतिक यात्रा 2010 में उनके कॉलेज के दिनों से शुरू कर दिया था. जब वह कांग्रेस पार्टी की छात्र शाखा, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) में शामिल हुए थे. छात्र राजनीति में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें कमल नाथ का विश्वास दिलाया जब पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में छिंदवाड़ा का प्रतिनिधित्व किया.

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