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असम: 1,179 ब्रू उग्रवादियों ने किया आत्मसमर्पण,  ये है उनकी मांगें

Posted on December 13, 2022 - 12:36 pm by

असम के हैलाकांडी जिले में 12 दिसंबर को दो ब्रू उग्रवादी संगठनों के 1,179 लोगों ने आत्मसमर्पण कर दिया. इन संगठनों के नाम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक लिबरेशन फ्रंट ऑफ बराक वैली और ब्रू रिवोल्यूशनरी ऑर्मी ऑफ यूनियन है. दोनों संगठन ज्यादातर असम-मिजोरम सीमा से सटे इलाकों में सक्रिय थे. आत्मसमर्पण करने वालों में राजेश चर्की के नेतृत्व वाले ब्रू के 634 सदस्य और धन्यराम रेंग के नेतृत्व वाले यूडीएलएफ-बीवी के 545 सदस्य हैं.  इन दोनों समूहों के साथ 2017 से शांति प्रक्रिया चल रही थी. कुछ मतभेद थे. उग्रवादी संगठनों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया गया. अन्य औपचारिकताएं और पुनर्वास प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी.

इन संगठनों ने सुरक्षा बलों के साथ पहले ही संघर्ष विराम किया था

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विशेष शाखा) हिरेन चंद्र नाथ ने कहा, “यूनाइटेड डेमोक्रेटिक लिबरेशन फ्रंट ऑफ बराक वैली (यूडीएलएफ-बीवी) और ब्रू रिवोल्यूशनरी आर्मी ऑफ यूनियन (बीआरएयू) से जुड़े उग्रवादियों ने 18 एके सीरीज के राइफल, एम16 राइफल सहित 350 हथियार और 400 से अधिक कारतूस भी सौंपे”

अधिकारियों ने बताया कि इन उग्रवादियों ने सुरक्षाबलों के साथ पहले से ही संघर्षविराम कर रखा था. उन्होंने औपचारिक रूप से असम विधानसभा के अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी तथा राज्य के जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका के समक्ष अपने हथियार डाल दिए. इस मौके पर विश्वजीत दैमारी ने कहा कि सरकार उनकी चिंताओं के दूर करेगी. विकास के लिए धन उपलब्ध कराएगी. उन्होंने सशस्त्र समूहों में शामिल युवाओं से अनुरोध किया कि वे हिंसा छोड़ दें.

ब्रू आबादी वाले क्षेत्रों में विकास नहीं हुआ है

वहीं पीयूष हजारिका ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों ने विकास के मुद्दों को उठाया है. सरकार उनकी वास्तविक मांगें पूरी करेगी. ब्रू के कमांडर इन चीफ राजेश चर्की ने कहा कि वे खुश हैं और ब्रू समुदाय के लिए एक स्वायत्त आर्थिक परिषद की मांग की है. उन्होंने दावा किया कि असम-मिजोरम सीमावर्ती क्षेत्रों के पास ब्रू आबादी वाले अधिकांश गांवों में अभी तक विकास नहीं हुआ है. इन क्षेत्रों की बेहतरी के लिए सरकार से योजनाओं की मांग की गई है.

आत्मसर्मपण करने वाले उग्रवादियों की प्रमुख मांगें

वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत समुदाय के लिए भूमि और राज्य में अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध करने की मांग. ब्रू समुदाय के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी. समुदाय द्वारा बसाए गए क्षेत्र में विद्युतीकरण और सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों के निर्माण की मांग. आत्मसमर्पण करने वाले बीआरयू कैडरों और पूर्व उग्रवादियों के साथ-साथ मारे गए लोगों के परिवारों के लिए सहायता राशि. आत्म समर्पण करने वाले कैडरों के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले वापस लिए जाए. समुदाय के लोगों को प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत लाभ देने की.

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