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केरल में आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार बढ़े – राज्य एससी-एसटी विकास मंत्री

Posted on March 1, 2023 - 2:45 pm by

केरल में आदिवासियों के ऊपर अत्याचार बढ़े हैं. यह जानकारी कोई और नहीं केरल के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री के. राधाकृष्णन ने दी है. दरअसल मंगलवार 28 फरवरी को केरल विधानसभा में मंत्री ने सूचित किया कि वर्ष 2022 में राज्य में आदिवासियों के खिलाफ अत्याचारों में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वहीं अनुसूचित जातियों के खिलाफ अत्याचारों में भी 1.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. केरल विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एससीएसटी विकास मंत्री के. राधाकृष्णन ने जबाव दिया था.

मंत्री ने जोर देकर कहा कि अनुसूचित जाति और आदिवासी आबादी के खिलाफ अत्याचार के मामलों में कम सजा दर से निपटने के लिए सरकार ने कार्रवाई का सहारा लिया है.

कई मामलों में गवाहों का मुकर जाना एक बार-बार होने वाला खतरा रहा है. मंत्री ने कहा कि सरकार इस पर नजर रखने के लिए हस्तक्षेप करेगी.

मंत्री ने एससी और एसटी आबादी पर अत्याचार से संबंधित मामलों से निपटने के लिए एक निगरानी पैनल बनाने का भी आश्वासन दिया. इन मामलों में शिकायतकर्ताओं का समर्थन करने के लिए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के कानून स्नातकों को कानूनी सलाहकार के रूप में नियुक्त किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि विभाग के तहत जल्द ही 75 कानूनी सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोझीकोड में वायनाड आदिवासी परिवार के सदस्य विश्वनाथन की अस्वाभाविक मौत की जांच के लिए शहर के पुलिस आयुक्त के तहत एक विशेष टीम का गठन किया गया है. मंत्री ने कहा कि जिला कलेक्टर को भी जांच की निगरानी करने का काम सौंपा गया है.

केरल पुलिस के वेबसाइट के अनुसार 2016 से 2022 तक अनुसूचित जाति/जनजाति पर अत्याचार के 7389 मामले दर्ज हुए हैं. जिसमें एसटी की 1042 मामले और एससी की 6365 मामले शामिल है.

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