Skip to main content

बिहार: तुगलकी फरमान पर आदिवासी युवक को पीटा, अब  हुई मौत

Posted on November 16, 2022 - 3:59 pm by

मुखिया और सरपंच के तुगलकी फरमान पर कुछ महीने पूर्व एक आदिवासी युवक को पीटा गया था. 15 नवंबर को उस युवक की मौत हो गई. मामला बिहार राज्य के पूर्णिया जिले का है. कथित तौर पर पिटाई से दिन प्रतिदिन इलाज के बावजूद युवक की हालत बिगड़ती गई और अंत में उसने दम तोड़ दिया. परिजनों ने मृतक राजू टुटू के शव को लेकर मुफस्सिल थाना में न्याय करने की गुहार की है. 

पेड़ से बांधकर पीटा गया था

राजू टुडू की पत्नी रानी देवी ने बताया कि बियारपुर पंचायत के मुखिया व सरपंच सहित अन्य लोगों ने यह अत्याचार किया. तीन महीने पूर्व 26 जुलाई की रात को उसके पति को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पिटाई की थी. जिससे उनकी तबियत खराब होने लगी और तब से इलाज चल रहा था. पिटाई के कारण राजू के पेट में गहरा जख्म हो गया था. इसका इलाज लगातार चल रहा था. लेकिन एक सप्ताह पूर्व से उनकी स्थिति बिगड़ने लगी थी. इसे देख जीएमसीएच पूर्णिया के चिकित्सक ने पटना रेफर किया. पटना ले जाने के क्रम में ही उनकी मौत हो गई.

रानी ने आगे बताया कि मामले की शिकायत मुफस्सिल थाने में की गई थी. मुखिया, सरपंच सहित आधे दर्जन लोगों को नामजद अभियुक्त भी बनाया गया था. लेकिन उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. वहीं आदिवासी विकास मंच के सदस्य रावण उरांव, राजेंद्र उरांव, अशोक उरांव आदि ने कहा कि इस मामले पर उचित कार्रवाई की मांग करेंगे. इसके लिए वो लोग मुख्यमंत्री, आदिवासी विकास परिषद पटना सहित अन्य संगठनों से संपर्क करेंगे.    

एसटी-एससी की धारा में मामला दर्ज की गई

बता दें कि मुफस्सिल थाना में एससी-एसटी एक्ट के तहत इस मामले पर शिकायत की गई थी. जिसमें मुखिया, सरपंच के अलावा अन्य आधे दर्जन लोगों ने राजू पर जबरन हत्या का आरोप लगाया था. उसे पेड़ से बांधकर पीटा गया और जबरदस्ती तीन लाख रुपये का जुर्माना थोपा गया था. जिसके एवज में सरपंच के लोगों ने राजू टुडू के दरवाजे पर से लगभग एक लाख का भैंस खोलकर ले गए और उनका ओने पौने दाम लगाते हुए 40 हजार बताया तथा दस हजार नगद राजू टूडू से लिया. साथ ही उन्होंने कुछ दिन के अंदर में सारा पैसा भुगतान करने का भी हिदायत भी दी.

जब इसकी सूचना आदिवासी युवक राजू टुडू ने आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष व सदस्यों को दिया तो यह मामला उग्र रूप ले लिया. जब मामला बिगड़ता देखा गया तो सरपंच के लोगों ने भैंस को उनके दरवाजे पर पहुंचा दिया. मुफस्सिल थाना अध्यक्ष संतोष कुमार झा ने कहा कि मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि आखिर उसकी मौत का क्या कारण है? पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच पड़ताल कर रही है.

No Comments yet!

Your Email address will not be published.