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बाहर से चीता लाते हैं लेकिन आदिवासियों को बेदखल किया जाता है – संजय सिंह

Posted on December 10, 2022 - 3:09 pm by

राज्यसभा में 8 दिसंबर को वन्यजीव संरक्षण संशोधन बिल 2022 पारित किया गया. इसको लेकर आप सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर राज्य सरकार और आदिवासियों के अधिकारों को कम करने का आरोप लगाया. उन्होने कहा कि भारत के संघीय ढ़ाचे को और राज्य सरकार के अधिकारों का अतिक्रमण किया गया है.

राज्य सरकारों के अधिकार को कम किया जा रहा है

उन्होने कहा कि जब राज्यों के अंदर वन विभाग है, वन्य जीव संरक्षण की जिम्मेदारी निभा रहा है. कई राज्यों में परेशानी हो सकती है. कई राज्यों में वन्य जीव संरक्षण के लिए बोर्ड है. जिसके अध्यक्ष और निर्णय लेने की शक्ति मुख्यमंत्री के पास है. ऐसे में उनका अधिकार खत्म करना और उनका सारा अधिकार अपने पास रखना. मैं समझता हूं ये उसी प्रकार की कोशिश है जैसे जीएसटी का बिल लाकर राज्य सरकारों का अधिकार छिन लिया, डैम सेफ्टि बिल लाकर राज्य सरकारों का अधिकार छिना.

संजय सिंह ने आगे कहा कि राज्यों की बात करें तो पंजाब में भाखड़ा व्यास मैनेजमेंट बोर्ड है, जिसमें मैनेजमेंट में पंजाब सरकार का एक भी प्रतिनिधि शामिल नहीं है. अगर राज्यों के सारे अधिकार केंद्र के पास रखा जाएगा तो भारत का संघीय ढांचा कैसे मजबूत होगा.

बाहर से चीता लाते हैं, लेकिन आदिवासियों को बेदखल किया जाता है

सांसद ने कहा कि चीता लेकर आए, पूरे देश ने स्वागत किया. लेकिन वहां पर रहने वाले जो आदिवासी हैं उनका विस्थापन होता है. उनको अपने जमीन से बेदखल किया जाता है. उसकी क्या योजना है सरकार के पास. वन्य जीव का संरक्षण आवश्यक है किया जाना चाहिए. राज्य सरकार के अधिकारों को छिनना, आदिवासियों के अधिकारों को छिनना, उनके जल, जंगल, जमीन के अधिकारों को छिनना गलत है.  

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