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छत्तीसगढ़: अतिक्रमण बताकर तोड़ा तीस साल पुराना आदिवासी परिवार का घर

Posted on November 13, 2022 - 10:00 am by

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक आदिवासी परिवार का घर ढहाने का मामला सामने आया है. जिसमें पंचायत ने आदिवासी परिवार के घर को अतिक्रमण बताया था. पीड़ित परिवार के अनुसार वह तीस साल से इसी स्थान पर झोपड़ा बनाकर रह रहे थे.

लेकिन अब पंचायत ने इसे अतिक्रमण करार दिया है. पीड़ित आदिवासी परिवार ने इस संबंध में जिले कलेक्टर को शिकायत देते हुए न्याय की गुहार लगाई है. वहीं पीड़ित की गुहार पर प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश करते हुए ठंड के मौसम में उन्हें रहने खाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने का भरोसा दिया है. मामला मगरलोड इलाके में नारधा गांव का है.

तीस साल पहले बनाया घर, ठंड में बेघर हो गया परिवार

पीड़ित आदिवासी रामू कंवर अपनी गुहार लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे. उन्होने बताया कि उसके बाप दादा ने यह झोपड़ा करीब तीस साल पहले बनाया था. तब से वह परिवार के साथ इसमें रहता आ रहा है. लेकिन गांव के पंचायत ने उनके झोपड़े को अब ना केवल अतिक्रमण बता दिया है.  बल्कि जेसीबी चलाकर इसे ध्वस्त भी कर दिया है. इसके चलते उसका परिवार ठंड के इस मौसम में बेघर हो गया है. वहीं वह खुद अपने बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर है. पीड़ित परिवार ने जिला कलेक्टर से मामले की जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

बदले के लिए ढहाया झोपड़ा

पीड़ित परिवार के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान उसने अधिकारियों से खूब गुहार लगाई.  लेकिन किसी ने भी उसकी एक नहीं सुनी. बल्कि आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट भी की. पीड़ित ने बताया कि पंचायत के अधिकारियों ने उसके बच्चों को भी नहीं बख्सा. कहा कि कुछ दिन पहले ही उसने रेत खनन के मामले में सरपंच के खिलाफ शिकायत की थी. इससे चिढ़ कर सरपंच ने यह कार्रवाई कराई है.

प्रशासन ने दिया न्याय का भरोसा

धमतरी के अपर कलेक्टर ने पीड़ित परिवार की गुहार पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया. मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाने की बात कही है. दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. पीड़ित परिवार को रहने खाने की उचित व्यवस्था होने तक प्रशासन की ओर से उनके रहने खाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं.

सर्व आदिवासी समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी

सर्व आदिवासी समाज ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. संगठन के जिलाध्यक्ष जीवराखन लाल मरई ने कहा कि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई तो जिले में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा. उन्होंने बताया कि उसी जमीन पर कई और लोगों के भी घर बने हुए हैं. लेकिन पंचायत ने बदले के लिए केवल एक ही झोपड़े के खिलाफ कार्रवाई की है.

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