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छत्तीसगढ़: रासुका लगा आदिवासी संस्कृति खत्म कर रही सरकार, बघेल ने कहा दंगा एजेंडा नही चलने देंगे

Posted on January 16, 2023 - 4:32 pm by

छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण विवाद के बीच राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 31 जिलों में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने पर भाजपा आक्रामक हो गई है. वह इसे आपातकाल के रूप में प्रचारित कर रही है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव और पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि धर्मांतरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने रासुका लगाया है. हमारी सरकार आएगी तो रासुका खत्म करेंगे और धर्मांतरण रोकने के लिए कानून लाएंगे.

दंगा करना है एजेंडा – बघेल

इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा झूठ और भ्रम फैलाकर प्रदेश की फिजा खराब कर रही है. उसे डर है कि प्रदेश में रासुका लगने के बाद उनका दंगा फैलाने का एजेंडा फेल हो जाएगा. बघेल ने कहा कि प्रदेश में पहली बार रासुका नहीं लगाया गया है. भाजपा सरकार भी इसे लागू करती रही है. बता दें कि रमन सरकार के तीसरे कार्यकाल में ही नौ बार यह अधिसूचना जारी की गई थी. यही नहीं, रमन सरकार के समय यह अधिसूचना प्रदेश के सभी जिलों के लिए जारी की जाती रही है.

भाजपा का आरोप रासुका के द्वारा किया जा रहा धर्मांतरण

ट्वीटर पर भारतीय जनता पार्टी के द्वारा #भूपेश_का_आपातकाल चलाया जा रहा है. जिसमें दूर्ग से लोकसभा सांसद विजय बघेल ने लिखा है कि आदिवासी समाज की संस्कृति को खत्म करने के लिए और धर्मांतरण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का सहारा ले रही है.

वहीं केंद्रीय आदिवासी राज्य मंत्री रेणुका सिंह सरूता ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ की शान है आदिवासी, संस्कृति की पहचान है आदिवासी उनके धर्मांतरण का खेल खेल कर भूपेश सरकार षडयंत्र रचा रही है.

इसके अलावा छत्तीसगढ़ के पूर्व स्पीकर धरमलाल कौशिक ने भी बघेल सरकार को घेरते हुए कहा है कि सरकार द्वारा रासुका लगाया जाना लोकतंत्र का हनन है. इस सरकार ने धर्म विशेष के सामने आत्मसमर्पण कर आदिवासियों की संस्कृति के साथ खेलने का काम किया है.

वहीं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वादाखिलाफी के विरुद्ध हर वर्ग से आवाज उठने लगी, आदिवासियों ने धर्मांतरण के खिलाफ संघर्ष किया तब आज इस षड्यंत्रकारी सरकार ने लोकतंत्र की आवाज दबाने के लिए काले कानून की बैसाखी पकड़ ली है।

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