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छत्तीसगढ़: आदिवासियों का आरोप, ड्रोन से महिलाओं के नहाते हुए वीडियो बनाती है पुलिस

Posted on January 17, 2023 - 5:29 pm by

छत्तीसगढ़ के बस्तर में अंदर के गावों में हजारों आदिवासी आंदोलन पर उतर आएं हैं. आदिवासी, शासन और प्रशासन का विरोध कर रहे हैं. आदिवासियों का आरोप है कि पुलिस के ड्रोन से आदिवासी महिलाओं के नहाते हुए वीडियो शूट किए जाते हैं. पुलिस सुरक्षा और नक्सल मूमेंट के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करती है लेकिन उसी ड्रोन से महिलाओं के नहाते हुए भी वीडियो बनाए जाते हैं. जिसके विरोध में बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं भी शासन और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन कर रही हैं.

निजता का हो रहा हनन

आदिवासियों का कहना है की पुलिस के ड्रोन से उनके समाज की महिलाओं को नहाते हुए वीडियो बनाकर देखती है. आदिवासी गावों में कोई पक्का या बंद बाथरूम नहीं होता है. महिलाएं जंगल और नदी की किनारे नहाती हैं. पुलिस की कार्यशैली से नाराज हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग अब धरना देने लगे हैं. आदिवासी समाज का कहना है कि ड्रोन उड़ाना उनकी निजता के अधिकार का हनन किया जा रहा है.

महिलाओं के आरोप है कि ड्रोन के सहारे हमारे नहाते के वीडियो बनाए जा रहे हैं. पुलिस वाले इन वीडियो को देखते हैं. सुकमा में सिंगारम, गोमपाड़ और बीजापुर के पुसनार, बुर्जी और सिलगेर, सारकेगुड़ा, बृहबेदा, सोनपुर एडसमेटा, कुतुल, बेचा घाट अभुजमाड जैसे बड़े आंदोलन के बाद अब इंद्रावती के ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन पर उतर आए हैं.

सात मांगों को लेकर प्रदर्शन

नवभारत टाईम्स के रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों ने शासन से 7 मांगें की है. आदिवासियों का कहना है कि वन संरक्षण नियम 2022 को रद्द करें. सरकारी, गैर सरकारी नौकरियों में 32 फीसदी आरक्षण आदिवासियों को मिले. हमें सड़क, पुलिया, पुलिस कैंप नहीं चाहिए. हमें मूलभूत सुविधा शिक्षा, अस्पताल, आंगनबाड़ी पीने का पानी चाहिए. आदिवासी इलाकों में बिना ग्रामसभा की अनुमति के कोई काम नहीं हो. पुलिस के ड्रोन से उनके समाज की महिलाओं को नहाते हुए वीडियो बनना बंद करें.

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