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मध्यप्रदेश: सीएम शिवराज ने बच्चे का नाम रखा पेसा, परिवार ने किया इनकार, क्यों?

Posted on November 29, 2022 - 4:21 pm by

मध्यप्रदेश में आदिवासियों के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पेसा एक्ट लागू होने के बाद लगातार लोगों को जागरुक कर रहे हैं. इसी अभियान के तहत 25 नवंबर को डिंडोरी जिले के गुरैया पंचायत गए थे. कार्यक्रम में शामिल आदिवासी महिला दीपमाला मरावी के बच्चे का नाम सीएम ने पेसा रख दिया था. उनके द्वारा एक बच्चे का नाम रखने या फिर नाम बदलने पर अब विवाद खड़ा हो गया है.

हालांकि, बच्चे के परिवार के सदस्यों ने बाद में स्पष्ट किया कि उसका असली नाम हेमराज मरावी है. सरकारी अधिकारियों के अनुरोध पर इसे केवल एक दिन के लिए बदलकर ‘पेसा’ कर दिया गया था.

सूत्रों के मुताबिक यह नामकरण सिर्फ वाहवाही के लिए मुख्यमंत्री की मौजूदगी में किया गया. जब टिप्पणी के लिए स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने बोलने से इनकार कर दिया. वहीं जब बच्चे की मां और अन्य रिश्तेदारों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उसका असली नाम हेमराज मरावी है, जैसा कि जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज है.

परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के दौरे से एक दिन पहले, दो लोग, जिन्होंने खुद को सरकारी कर्मचारी बताया, उनके घर आए और उनके अनुरोध पर बच्चे की मां ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भाग लिया. बच्चे की दादी सुखवती मरावी ने भी कहा कि हमने उसका नाम हेमराज रखा था, लेकिन जब मुख्यमंत्री आए तो उसका नाम ‘पेसा’ रख दिया. परिजनों ने बताया कि सिर्फ एक दिन के लिए वे सरकारी अधिकारियों के अनुरोध पर बच्चे का नाम बदलने के लिए राजी हुए थे.

अपने बच्चे के साथ आदिवासी महिला दीपमाला मरावी

इस मुद्दे पर अब सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस आमने-सामने हैं. भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कांग्रेस पर झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बच्चे के परिवार ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में ‘पेसा’ उपनाम रखने पर सहमति जताई थी.

भाजपा के दावों का खंडन करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अवनीश बुंदेल ने कहा कि यह हिंदू परंपरा और संस्कृति के खिलाफ है. यह आम आदमी का मजाक है. आप परिवार की सहमति के बिना बच्चे का नाम कैसे रख सकते हैं?

अपने डिंडोरी दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा अधिनियम आदिवासी विकास खंडों में ‘ग्राम सभाओं’ को सशक्त बनाने में एक सामाजिक क्रांति है. चौहान ने कहा कि हमने सुनिश्चित किया है कि अब सरकार चौपाल (ग्रामीण सामुदायिक स्थान) से चलेगी न कि भोपाल से. आज मैं आपको जल, जंगल और जमीन का अधिकार देने आया हूं.

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