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गुजरात: कांग्रेस आदिवासी परंपराओं का मजाक उड़ाती थी: मोदी

Posted on October 21, 2022 - 4:14 pm by

पहले की सरकारें जहां आदिवासी परंपराओं का मजाक उड़ाती थीं. वहीं हमने आदिवासी परंपराओं का सम्मान किया है. आदिवासी समुदायों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हमने जहां भी सरकार बनाई है,  हमने आदिवासी कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. उक्त बातें गुजरात के तापी जिले के व्यारा नगर में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कही. तथा अपने भाषण में कांग्रेस को निशाना साधते हुए आदिवासियों से झूठे वादे करने का इतिहास रखने का आरोप लगाया. और कहा कि कांग्रेस राज्य सरकार ने आदिवासी के रुचियों को नजरअंदाज किया है और बीजेपी ने हमेसा उन्हें वरीयता दी है.

पीएम ने आगे कहा कि राज्य में आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए 2007 में 15,000 करोड़ रुपये के आवंटन से गुजरात सरकार वनबंधु कल्याण योजना की शुरुआत हुई थी. इसी योजना के दूसरे चरण पर उनकी सरकार 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी. गुजरात में आदिवासी समुदायों की बुनियादी जरूरत को पूरा करने के लिए किया गया था.

उन्होंने कहा कि आज हम देख रहे हैं कि तापी और आसपास के आदिवासी जिलों की कई बेटियां यहां स्कूल और कॉलेज जा रही हैं. अब आदिवासी समाज के कई बेटे-बेटियां विज्ञान की पढ़ाई कर डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं. 20-25 साल पहले के उमरगाम से अंबाजी तक का हवाला देते हुए बताया कि इस पूरे आदिवासी क्षेत्र में बहुत कम स्कूल थे और विज्ञान का अध्ययन करने के लिए मुश्किल से ही पर्याप्त सुविधाएं थीं. मिशन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया, इसके अलावा  आदिवासी तालुकों के 4,000 स्कूलों का आधुनिकीकरण करने की बात कही.

एक बार आदिवासी क्षेत्रों में बाजरा-मक्का उगाना और खरीदना मुश्किल था,  आज आदिवासी क्षेत्रों में आम, अमरूद और नींबू जैसे फलों के साथ काजू की खेती की जाती है. वाडी योजना के माध्यम से आदिवासी किसानों को बंजर भूमि पर फल,  सागौन,  बांस की खेती के लिए सहायता प्रदान की गई.

पीएम के अनुसार  पिछले दो दशकों में राज्य के आदिवासी इलाकों में 10,000 से ज्यादा करीब स्कूल बनाए गए हैं. एकलव्य स्कूलों की संख्या भी कई गुना बढ़ गई है. अपने आदिवासी बच्चों के लिए हमने शिक्षा की विशेष व्यवस्था की. विदेश में पढ़ने के लिए आर्थिक मदद भी दी.

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