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धन्या बनेगी केरल की पहली आदिवासी पायलट

Posted on March 18, 2023 - 1:43 pm by

केरल के कोट्टायम जिले के वकाथनम गांव के रहने वाली केएम धन्या उन कुछ लोगों में शामिल हैं, जिन्हें तिरुवनंतपुरम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया गया था.

धन्या को गंभीर बाधाओं को पार करने के कारण उसे राष्ट्रपति से मिलने का निमंत्रण प्राप्त हुआ था.  धन्या केरल में अनुसूचित जनजाति समुदाय की पहली पायलट बनने का सम्मान हासिल करने के करीब हैं.

फिल्म से प्रेरित होकर चुनी पायलट बनने की राह

पॉलिटेक्निक में कोर्स करने के दौरान धन्या मलयालम फिल्म ‘उयारे’ से प्रेरित थीं और विमान उड़ाना उनके जीवन की महत्वाकांक्षा बन गई. जब धन्या को पता चला कि तिरुवनंतपुरम में राजीव गांधी एकेडमी फॉर एविएशन में हवाई जहाज उड़ाना सीख सकती है. जहां सरकार छात्रवृति भी दे रही है.

हालांकि, धन्या को एहसास हुआ कि अकादमी में दाखिले खत्म हो गए हैं और वह डेढ़ साल बाद ही फिर से आवेदन कर सकती है. इसके बाद तिरुवनंतपुरम से वकाथनम लौटकर धन्या ने डिस्टेंस एजुकेशन मोड में प्लस टू एडमिशन ली.

दुर्भाग्य से संस्थान की गलती के कारण धन्या को  प्लस टू (कक्षा 12) की परीक्षा के लिए हॉल-टिकट नहीं मिला. धन्या इस घटना से परेशान थी क्योंकि वह परीक्षा नहीं दे सकी और बिना किसी गलती के अपने शैक्षणिक करियर के पांच महीने खो दिए.

कुछ महीने बाद तिरुवनंतपुरम में एक निजी विमानन अकादमी ने धन्या से संपर्क किया और पार्ट टाईम नौकरी के साथ प्लस टू कोर्स की पेशकश की.

धन्या के पिता सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करते हैं. धन्या के पिता महेश ने अपनी बेटी के सपने को साकार करने में मदद की. भले ही वह और उसकी मां बिंदु खर्च वहन नहीं कर सके.

अकादमी की कुल फीस 3 लाख रुपये थी. लेकिन अकादमी ने धन्या पर विशेष ध्यान दिया और देर से भुगतान की अनुमति दी.

लोगों के सवाल के कारण घर निकलना छोड़ दी थी

धन्या अपनी पुरानी घटनाओं को याद करते हुए कहती है कि हर कोई हमारी आर्थिक परेशानियों के लिए मेरे माता-पिता को जिम्मेदार ठहराता था. जब भी मैं तिरुवनंतपुरम से घर आती थी, तो लोग मुझसे पूछते थे कि क्या मैं परीक्षा में फेल हो गयी हूं.

मेरी इस स्थिति को देखते हुए मेरे पिता ने मुझसे कहा कि मुझे वकाथनम आने की आवश्यकता नहीं है. ‘तुम तिरुवनंतपुरम में ही रहो,’

धन्या कहती है कि मैं स्थानीय लोगों के द्वारा पूछने के कारण डर से अपने घर से बाहर निकलने से भी डरती थी.

वर्तमान में धन्या ने फ्लाइंग कोर्स में शामिल होने के लिए सभी प्रारंभिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं, जिसे वह या तो केरल की राजधानी में स्थित राजीव गांधी अकादमी में या मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में शुरू करेंगी.

इसी समय उन्हें भारत के राष्ट्रपति से मिलने के लिए आमंत्रित किया गया था. इस बीच धन्या को पता चलता है कि वह अभी तक केरल की पहली आदिवासी पायलट होने का गौरव हासिल नहीं कर पाई है क्योंकि अभी और भी चुनौतियों से पार पाना बाकी है. फिर भी नौजवान को यकीन है कि उसका सपना एक दिन जरूर पूरा होगा.

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