Skip to main content

गोवा विधानसभा में आदिवासियों के लिए चार आरक्षित सीटों का प्रस्ताव

Posted on March 27, 2023 - 12:11 pm by

आदिवासी कल्याण विभाग ने गोवा विधानसभा में अनुसूचित जनजाति के चार सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव राज्य को दिया है. यह प्रस्ताव जनगणना 2011 के आंकड़ो के आधार पर परिसीमन आयोग का गठन कर करने को कहा है. बता दें कि पेरनेम विधानसभा की एक सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है.

जनवरी 2023 में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए संसदीय समिति ने  अध्ययन के लिए दौरा किया था. उसी के दौरान इसके अध्यक्ष किरीट प्रेमजीबाई सोलंकी ने गोवा सरकार को अनुसूचित जनजातियों के लिए गोवा विधानसभा में सीटें आरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था. सोलंकी के निर्देश पर आदिवासी कल्याण निदेशक दशरथ रेडकर ने एक प्रस्ताव पेश किया, जिसे सीएम प्रमोद सावंत की मंजूरी का इंतजार है.

गोवा के अनुसूचित जनजातियों के लिए मिशन राजनीतिक आरक्षण ने कहा कि 2001 की अधिसूचित जनसंख्या जनगणना डेटा उपलब्ध है. इस पर आरक्षण योजना तैयार करने के लिए विचार किया जा सकता है. प्रतिनिधियों ने भाजपा नेताओं से मुलाकात की और उन्हें अनुसूचित जनजातियों को आरक्षण देने के लिए कानून के तहत उपलब्ध विकल्पों के बारे में बताया. प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सदानंद शेट तनावडे से सीएम सावंत और पार्टी आलाकमान के साथ मामले को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया.

एसटी समूह के प्रवक्ता गोविंद शिरोडकर ने बताया कि गोवा की अनुसूचित जनजातियों को पिछले 20 वर्षों से विधानसभा में राजनीतिक आरक्षण के उनके संवैधानिक अधिकार से वंचित रखा गया है. उन्होंने कहा कि गोवा एकमात्र राज्य है जिसने विधानसभा में एसटी आरक्षण के संवैधानिक दायित्व को लागू नहीं किया है.

हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष रमेश तावडकर, MLA गणेश गाँवकर, MLA एंटोनियो वास,  जिला पंचायत सदस्यों, सरपंचों, पंचों, एसटी नेताओं ने सीएम सावंत से मुलाकात की. उन्होंने उनसे कानून और गृह के केंद्रीय मंत्रालयों और जनजातीय मामलों के निदेशक, भारत सरकार को आरक्षण के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आग्रह किया. वे चाहते हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले आरक्षण पर अधिसूचना जारी की जाए.

No Comments yet!

Your Email address will not be published.