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छत्तीसगढ़: फर्जी आदिवासी बनकर पाई नौकरी, अब प्रबंधन ने नौकरी से निकाला

Posted on October 27, 2022 - 4:57 pm by

छत्तीसगढ़ में फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति के दस्तावेज तैयार कर नौकरी पायी थी. फर्जी कोलकर्मियों को साउथ ईस्ट कोल्ड लिमिटेड प्रबंधन ने बर्खास्त कर दिया है. अनुसूचित जनजाति वर्ग की जमीन खरीद फर्जी तरीके से उनके गोद पुत्र बनकर कई सालों से SECL में नौकरी कर रहे थे. इसके बाद 5 कोल कर्मियों को SECL बिश्रामपुर प्रबंधन ने जांच की कार्रवाई करते हुए बर्खास्त कर दिया है. इस कार्रवाई से SECL के उन कर्मचारियों में हड़कम्प है. जिन्होंने इस तरह से दस्तावेज तैयार किये हैं.

25 सालों से कर रहें थे नौकरी, अब हुए बर्खास्त

वन इंडिया के अनुसार जिन 5 लोगों को अभी सेवा से बर्खास्त किया गया है. वे सभी सन 1994-95 से कंपनी में नौकरी कर रहे थे. आदिवासियों की जमीन खरीद कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों में रेहान खदान के शूट ऑपरेटर,  राधेश्याम गायत्री खदान के इलेक्ट्रिकल ऑपरेटर राजाराम,  इलेक्ट्रिकल ऑपरेटर श्रवण कुमार,  कुमदा 7-8 खदान के पंप ऑपरेटर रामविलास,  कुमदा के ही ब्लास्टिंग क्रूमैन विजेंद्र नाथ आदि का नाम शामिल है.

बचने के लिए  यूनियनों का लिया सहारा

14 साल पहले दर्जन भर से अधिक ऐसे फर्जी नौकरी करने वालों की शिकायत कंपनी के समक्ष गुप्त रूप से हुई थी. जिस पर कंपन जांच में मामला सही पाया गया. उन सभी कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरु की गई. लेकिन कार्रवाई से बचने के लिए मामले को उच्च न्यायालय में चैलेंज किया गया. यहां भी हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद कर्मचारियों ने लोगों ने BMS  यूनियन के माध्यम से प्रकरण को रीजनल लेबर कमिश्नर के पास सुनवाई के लिए प्रस्तुत किया. रिजनल लेबर कमिश्नर के पास मामला लंबे समय तक केस लंबित रहने के खिलाफ कोल वायसरी प्रबंधन ने उच्च न्यायालय का रुख किया. पिछले दिनों उच्च न्यायालय के आदेश के बाद प्रबंध ने 5 कर्मियों को कंपनी की सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया है. दीपावली से ठीक पहले क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा बर्खास्तगी आदेश जारी करने से हड़कंप मच गया है.

राज्य सरकार ने भी ऐसे लोगों पर कार्रवाई के दिये थे निर्देश

SECL बिश्रामपुर भटगांव क्षेत्र के ऐसे सैकड़ों मामले हैं. जिनमें कूट रचित दस्तावेजों के जरिए अनुसुचित जाति व जनजाति वर्ग की जमीन सहित फर्जी तरीके से वसीयतनामा तैयार कर अथवा गोद पुत्र बनकर कंपनी में नौकरी कर रहे हैं. कई बार ऐसे मामले में राज्य सरकार द्वारा जांच के आदेश देकर फर्जी लोगों को सेवा से बर्खास्त करने प्रबंधन को निर्देशित किया है. लेकिन SECL प्रबंधन यूनियन नेताओं के दबाव के चलते ऐसे मामलों में हाथ डालने से बचता रहा है.

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