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गुजरात चुनाव 2022: बीटीपी ने जारी की उम्मीदवारों की पहली सूची

Posted on November 7, 2022 - 11:42 am by

भारतीय ट्राईबल पार्टी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए अपने 12 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा जारी कर दी है. साल 2017 के विधानसभा चुनावों में बीटीपी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था. इस सूची की बात करें तो इसमें अनुसूचित जनजाति (एसटी) की नौ आरक्षित सीटें शामिल हैं. इस बार वह अकेले ही चुनाव मैदान में होगी. चुनाव से पहले बीटीपी और आम आदमी पार्टी का गठबंधन टूट गया था.

भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के प्रदेश अध्यक्ष रमेश वसावा ने कहा कि पार्टी अगले महीने होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए राज्य भर में सभी 27 एसटी-आरक्षित सीट पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. पार्टी ने राज्य में 2017 के चुनावों में दो सीट जीती थीं. एसटी-आरक्षित नौ सीट के अलावा बीटीपी ने कर्जन, जंबुसर और ओलपाड के लिए भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा की. ये तीनों सीट सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए है. शेष नौ सीट भिलोदा, झालोद, दाहोद, सांखेड़ा, नंदोद, व्यारा, निजार, डांग और धरमपुर हैं.

जिसमें भिलोदा में डॉ मार्क कटारा, झालोद में मनसुख कटारा, दाहोद में मेदा देवेंद्रभाई, सांखेड़ा में फरतान राठवा, कारजन में घनश्याम वसावा,  नंदोद में महेश वसावा,  जंबूसर में मणिलाल पांड्या और अल्लपाद में विजय वसावा और व्यारा,  समीर में सुनील गामित शामिल हैं. निजार से नाइक और डांग से नीलेश जांबारे और धर्मपुर से सुरेश पटेल को उम्मीदवार बनाया गया है.

उम्मीदवारों की सूची/Twitter

सामान्य क्षेत्रों में आदिवासी मतदाताओं वाली सीट पर उम्मीदवार उतारेगी बीटीपी

प्रदेश अध्यक्ष रमेश वसावा ने कहा कि 27 अनुसूचित जनजाति-आरक्षित सीट के अलावा, हम अंकलेश्वर और ओलपाड जैसी 30 से 40 प्रतिशत आदिवासी मतदाताओं वाली सीट पर भी अपने उम्मीदवार उतारेंगे. वर्तमान में, गुजरात विधानसभा में बीटीपी के पास दो सीट भरूच में झघड़िया और नर्मदा जिले में डेडियापाड़ा है. बीटीपी के संस्थापक छोटू वसावा झघड़िया विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, उनके बेटे और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश वसावा डेडियापाड़ा का प्रतिनिधित्व करते हैं.

कुल आबादी का लगभग 15 प्रतिशत हैं आदिवासी

 छोटू वसावा ने गुजरात में आम आदमी पार्टी (आप) के साथ अपना नाता तोड़ लिया था. चुनाव नजदीक आने के बीच कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे के समझौते की किसी भी संभावना के बारे में उन्होंने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं. गुजरात में दो चरणों में एक दिसंबर और पांच दिसंबर को चुनाव होंगे. 2011 की जनगणना के अनुसार, गुजरात में 89.17 लाख आदिवासी थे, जो इसकी कुल आबादी का लगभग 15 प्रतिशत है. समुदाय के सदस्य बड़े पैमाने पर राज्य के 14 पूर्वी जिलों में रहते हैं. आदिवासी आबादी 48 तालुका में केंद्रित है.

बीटीपी का उदय

बीटीपी का उदय भीलीस्तान अलग राज्य के मांग के आंदोलन से शुरू हुई थी. जिसमें गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्रों को मिलाकर भीलीस्तान राज्य की मांग की  जा रही थी. 2017 में चुनाव से पहले छोटूभाई अमरसिंहभाई वसावा बीटीपी पार्टीं बनाई थी. जिसमें कांग्रेस से गठबंधन कर दो विधान सभा सीटें जीती थी. छोटूभाई वसावा झगड़िया विधानसभा क्षेत्र से 7 बार विधायक रह चुके हैं. 2017 में में जनता दल युनाईटेड के द्वारा विहार विधानसभा में भाजपा से गठबंधन करने के कारण छोटूभाई वसावा ने जदयु छोड़ अपनी नई पार्टी बनाई थी.

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