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गुजरात चुनाव 2022 : किस पार्टी का पलड़ा भारी है इस चुनावी दंगल में

Posted on November 4, 2022 - 11:41 am by
  • भाजपा सम्मेलनों के द्वारा आदिवासियों के बीच पहुंच रही है
  • आदिवासी मुद्दो पर आप पार्टी गुजरात चुनाव में

विजय उरांव, ट्राईबल खबर के लिए

गुजरात में 182 सीटों को लेकर विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है. चुनाव दो चरणों में होगी, पहला चरण 1 दिसंबर तथा दूसरे चरण का चुनाव 5 दिसंबर को होगी. वहीं परिणाम की घोषणा 8 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के साथ होगी. गुजरात विस का मौजुदा कार्यकाल  2017 का गुजरात विस चुनाव दो चरणों में 9 दिसंबर और 14 दिसंबर को हुआ था. उसमें भाजपा को 99 सीटें मिली थी और कॉग्रेस ने भी 77 सीटें लाकर काटें की टक्कर दी थी. हालांकि कॉग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह किला ध्वस्त करनें में सफल नही हो सकी.

गुजरात विस चुनाव में आदिवासी मतदाता बहुत मायने रखते है. राज्य में आदिवासियों की आबादी करीब 16 फीसदी है. गुजरात विस के 182 सीटों में से 27 सीट आदिवासियों के लिए आरक्षित है. इसमें से अधिकतम सीटें कॉग्रेस जीतती आयी है. 2007 में कॉंग्रेस ने 27 में से 14 सीटों पर जीत हासिल की थी. जबकि 2012 में 16 सीटों पर जीत दर्ज हासिल की थी तथा 2017 में 14 आदिवासी बहुल सीटों पर जीत मिली थी. वहीं 2017 में भाजपा ने 9 सीट ही जीत पायी थी, हालांकि भाजपा 27 सालों से गुजरात में काबिज है. भाजपा आदिवासी सीटों पर अधिक जीत के लिए 4 आदिवासी नेताओं को सरकार में मंत्री भी बनाया था और आदिवासी सम्मेलनों पर अधिक जोर दे रही है. गुजरात में 24 फीसदी कोली के बाद आदिवासी आबादी सबसे अधिक है. इन आदिवासियों में 47 फीसदी आबादी भील समुदाय के है. करीब 30 फीसदी सीट में आदिवासी समुदाय के लोग हार जीत तय करते है. आदिवासी रिजर्व सीटें बीजेपी के लिए कमजोर कड़ी है.

गुजरात विस चुनाव में आम आदमी पार्टी की इंट्री  

गुजरात चुनाव में आम आदमी पार्टी की इंट्री हो गई है. बीटीपी ने आप पार्टी से गठबंधन किया था, लेकिन सीट बंटवारे पर गठबंधन टूट गई. भारतीय ट्राईबल पार्टी गुजरात में एक मात्र पार्ट्री है जो आदिवासियों पर केंद्रित है. छोटूभाई वसावा ने इस पार्टी का निर्माण जदयु से इस्तीफा देने के बाद 2017 में स्थापना किया था. 2017 में गुजरात से भारतीय ट्राईबल पार्टी के देदियापाड़ा और झगड़िया से दो विधायक बने थे. आम आदमी पार्टी आदिवासियों के बीच 5वीं अनुसूची तथा पेसा एक्ट, 1996. के साथ TAC  में मुख्य पद पर आदिवासियों को रखने की बात, के अलावा अच्छे स्कूल, अस्पताल, जाति प्रमाण पत्र आसानी से प्राप्त और सबको घर आदि मुद्दे पर आदिवासियों के बीच चुनाव प्रचार कर रही है.

मोदी और शाह के अहम है गुजरात

गुजरात भाजपा के लिए अन्य राज्यों के तुलना में काफी अहम है. क्योंकि यह राज्य पीएम मोदी और अमित शाह का गृह राज्य है. इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी कई बार गुजरात का दौरा कर चुके हैं. गुजरात के केवड़िया और राजस्थान-गुजरात बॉर्डर में स्थित मानगढ़ धाम में मोदी आदिवासियों को लुभाने के लिए बड़ी सभा कर चुके हैं. कई योजनाओं के अलावा आदिवासी प्राईड बिरसा मुंडा जयंती के लिए बड़ा आयोजन भी किया जा रहा है.

कांग्रेस बड़ी आयोजनों के बजाए घर-घर जाकर कर रही है चुनाव प्रचार

कांग्रेस पार्टी को 2017 का अपना प्रदर्शन बरकरार रखते हुए उसमें और सुधार करने की चुनौती है. इन चुनौतियों को पार करने के लिए कांग्रेस बड़ी सभा के बजाए. कांग्रेस के कार्यकर्ता घर-घर जाकर अपनी बात पहुंचा रहे हैं. वहीं राहुल गांधी का कहना है कि आप के मुकाबले गुजरात में कांग्रेस को ज्यादा मजबूत बताया है. राहुल गांधी फिलहाल भारत जोड़ो यात्रा पर हैं.

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