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गुमला में असुर जनजाति के 40 बच्चों की पढ़ाई पर लटका ताला

Posted on October 14, 2022 - 11:26 am by

गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड के चाकडीपा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के पिछले चार साल से बंद रहने से चाकडीपा सहित गुंगरुपाट और कोटयापाट गांव के 40 असुर जनजाति के बच्चों के जीवन में शिक्षा के दरवाज़े को भी बंद कर दिया है। यही कारण है कि 10 से 12 साल के बच्चे अपना नाम तक नहीं लिख पा रहे हैं। बच्चों के बिगड़ते भविष्य को सुधारने के उद्देश्य से ग्रामीणों ने स्कूल को दोबारा खुलवाने की मांग को लेकर बैठक की।

दरअसल जब स्कूल खुला था, तब सभी बच्चे रोजाना स्कूल जाया करते थे। लेकिन शिक्षा विभाग ने स्कूल को बिना किसी सूचना के बंद कर छह कीमी दूर लिंगिरपाट स्कूल में मर्ज कर दिया। अधिक दूरी, पहाड़ी व जंगली रास्ता होने की वजह से, जंगली जानवर और नक्सलियों के आवाजाही के डर से माता-पिता ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया।

इस मामले को सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्वीटर पर दुर्जय पासवान नाम के यूजर ने इस घटना से सम्बंधित खबर की स्क्रीनशॉट लगाते हुए सीएम हेमंत सोरेन सहित अन्य नेताओं को टैग कर ट्ववीट किया। जिसके बाद टैग किए गए सरायकेला विधायक चम्पाई सोरेन ने इस पोस्ट को री-ट्वीट कर डीसी गुमला से आग्रह करते हुए कहा, “इस स्कूल को दोबारा खोलने की संभावनाएं तलाशने का प्रयास करें। अगर संभव हो तो गाँव में अधिकारियों की एक टीम भेजें, जो वहाँ जाकर मौजूदा परिस्तिथि का अध्ययन कर के, विभाग को इससे अवगत करवाये”। गुमला डीसी ने इस पोस्ट पर तत्काल जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने मामले का संज्ञान लिया है। इसके तहत प्रखंड स्तरीय प्रस्ताव तैयार कर विभाग के दिशा निर्देशों के अनुसार आगे की कार्यवाही की जायेगी।