Skip to main content

हेमंत सोरेन ने उठाई सेना में आदिवासी रेजिमेंट की मांग, जानिए पूरी बात

Posted on December 17, 2022 - 3:38 pm by

वन (सरंक्षण) नियम, 2022 में जिस प्रकार से वन भूमि अपयोजन में ग्राम सभा के अधिकार को समाप्त किया गया है.  उससे पूरे देश के करीब 20 करोड़ आदिवासी एवं वनों में पीढ़ियों से निवास करने वाले लोगों के अधिकारों का घोर अतिक्रमण हुआ है. उनके अधिकारों की रक्षा के लिए इसे वनाधिकार अधिनियम 2006 के अनुरूप संशोधित किया जाए. पांच हेक्टेयर तक की वन भूमि के अपयोजन के लिए राज्य सरकार के द्वारा स्वीकृत किये जाने के पूर्व के प्रावधान को बहाल किया जाए. उक्त बातें झारखंड के सीएम हेमन्त सोरेन ने कोलकाता में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद के बैठक कही.

आदिवासी रेजीमेंट की मांग उठायी

सीएम सोरेन ने आदिवासी रेजीमेंट की मांग उठाते हुए कहा कि भारत का इतिहास आदिवासियों के बलिदान से भरा पड़ा है. परंतु इनकी वीरता को वह पहचान नहीं मिल पाई जिसके वह हकदार हैं. इसलिए सेना में आदिवासी रेजिमेंट के गठन का निर्देश रक्षा मंत्रालय को दिया जाए.

इसके अलावा झारखण्ड राज्य के CCL, BCCL, ECL आदि कोयला कंपनियों  पर एक लाख छत्तीस हजार करोड़ बकाया राशि का जल्द भुगतान करने की मांग की. और बंद खदानों का विधिवत् माईन्स क्लोजर करने को कहा ताकि पर्यावरण की सुरक्षा हो सके एवं अवैध खनन पर भी रोक लग सके.

झारखंड में रेलवे जोनल मुख्यालय स्थापित करने की मांग की

उन्होने कहा कि साहेबगंज को मल्टी मॉडल टर्मीनल के रूप में विकसित किया जा रहा है एवं भविष्य में यह पूर्वोत्तर राज्यों के लिए गेटवे बनेगा. इसलिए साहेबगंज में एयरपोर्ट  बनाने की मांग की.

वहीं आगे कहा कि रेलवे को सर्वाधिक आय झारखण्ड राज्य से प्राप्त होता है. परंतु,  झारखण्ड में रेलवे का एक भी जोनल मुख्यालय नहीं है. झारखण्ड में रेलवे का जोनल मुख्यालय स्थापित करने का निर्देश दिया जाए. उन्होने कहा केन्द्र प्रायोजित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में विगत दस वर्षों से भारत सरकार द्वारा कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है. महँगाई को देखते हुए इस राशि में पर्याप्त बढ़ोत्तरी की आवश्यकता है.

सीएम सोरेन ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में झारखण्ड के लगभग आठ लाख पैंतीस हजार परिवार इसके लाभ से अभी भी वंचित हैं. इन सभी को आवास स्वीकृत करने का निर्देश ग्रामीण विकास मंत्रालय को दिया जाए और झारखण्ड जैसे उग्रवाद प्रभावित एवं गरीब राज्य में CAPF (Central Armed Police Force) की प्रतिनियुक्ति के लिए केन्द्र सरकार के द्वारा राज्य सरकार से राशि के भुगतान की माँग नहीं की जानी चाहिए.

उन्होने GST कंपनसेशन की अवधि को अगले 05 वर्षों तक विस्तारित करने की मांग की क्योंकि इसके कारण झारखण्ड को प्रत्येक वर्ष लगभग पाँच हजार करोड़ रूपये का नुकसान होने के संभावना है.

No Comments yet!

Your Email address will not be published.