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हिमाचल प्रदेश विस चुनाव 2022: नतीजों को पलट सकते हैं इन जिलों के आदिवासी

Posted on October 15, 2022 - 6:41 am by

विजय उरांव

  • हिमाचल प्रदेश में आदिवासियों की स्थिति, जनसंख्या

हिमाचल प्रदेश में चुनावी बिसात तो बिछ रही थी, इधर चुनाव का एलान भी हो गया है. शुक्रवार 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में मुख्य केंद्रीय चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि 12 नवंबर को मतदान होना है. पूरे राज्य में एक फेज में ही मतदान होना है. वहीं 8 दिसंबर को मतगणना की तारीख तय की गई है.

ऐसे में हम जानने की कोशिश कर रहे हैं कि हिमाचल प्रदेश में कौन से आदिवासी रह रहे हैं. उनकी स्थिति क्या है और इस चुनाव में कौन से आदिवासी समुदाय किस इलाके में अपना प्रभाव जताने जा रहा है. हम यह भी देखेंगे कि वह किस इलाके में अपनी राजनीतिक भूमिका को और बढ़ाने जा रहा है. 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 68 सीटों में 48.79 वोट के साथ 44 सीट जीत दर्ज की थी, वहीं कांग्रेस को 41.68 वोट के साथ 21 सीट पर संतोष करना पड़ा था। 2012 के विस चुनाव में कांग्रेस को 42.81 फीसद वोट के साथ 36 सीटें प्राप्त हुई थी और भाजपा को 38.47 फीसद वोट के साथ 26 सीटों में जीत दर्ज की थी। 68 सीटों में 49 क्षेत्र सामान्य क्षेत्र के रूप में है वहीं 16 सीट अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित है वहीं 3 सीट अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित है।

हिमाचल में आदिवासियों की क्या है स्थिति

हिमाचल प्रदेस में अनुसूचित जनजातियों की आबादी कुल जनसंख्या का 5.71 फीसद है, जहां पर 68 विधानसभाओं में 3 विस सीट (भारमोर (चंबा जिला), लाहौल और स्पीति और किन्नौर में) को आदिवासियों के लिए आरक्षित किया गया है। भारमौर से 2017 में जिया लाल(BJP), 2012 में ठाकुर सिंह भरमौरी (INC)  व 2007 में तुलसी राम(BJP) ने जीत दर्ज की थी, लाहौल और स्पीति सीट से 2017 में राम लाल मारकंडा (BJP),  2012 में रवि ठाकुर (INC) व 2007 में रामलाल मारकंडा(BJP)  ने जीत दर्ज की थी तथा किन्नौर से 2012 व 2017 में जगत सिंह नेगी(INC) से व 2007 में तेजवंत सिंह नेगी (BJP) ने जीत दर्ज की थी। हिमाचल प्रदेस में 10 आदिवासी समुदायों को अधिसूचित किया गया है, उनमें (1) भोट, बोढ़ (भोटिया), (2) गद्दी, (3) गुज्जर, (4) जाद, लाम्बा, खम्पा (5) किनौरा, किन्नारा, (6) लाहौला, (7) पंगवाला, (8) स्वंगला (9) बेटा, बेडा, (10) डोम्बा, गारा, जोबा है। इसके साथ ही 2022 में हाटी समुदाय के लोगों को अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है।

हिमाचल प्रदेश के जिलों में आदिवासियों की आबादी

जनगणना (2011) के अनुसार हिमाचल प्रदेश की कुल आबादी 6,864,602 है, उनमें आदिवासियों की आबादी 392,126 है, जिलों के अनुसार 1. बिलासपुर में 10693, 2. चंबा में 135500, 3. हमीरपुर में 3044, 4. कंगड़ा में 84564, 5. किन्नौर में 48746, 6. कुल्लु में 16822, 7. लाहौल – स्पीति में 25707, 8. मंडी में 12707, 9. शिमला में 8755, 10. सिरमौर में 11262, 11. सोलन में 25645 तथा 12. उना में 8601 है। तीन सुरक्षित क्षेत्र के अलावा सोलन, कंगड़ा और कुल्लु जिलों में आदिवासी वोटर नतीजों को प्रभावित करने का प्रभाव रखते हैं।

हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने के बाद से भाजपा को इसमें लाभ मिलता दिख रहा है।

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