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हॉकी – भारत को एशिया कप का बादशाह बनानी वाली कौन हैं ये आदिवासी खिलाड़ी

Posted on November 6, 2023 - 4:45 pm by

जापान को हराकर भारतीय महिला हॉकी टीम ने झारखण्ड एशियन चैंपियनशिप हाॅकी का ख़िताब अपने नाम किया. मेजबान टीम भारत ने एकतरफा मैच खेलते हुए जापान की टीम को 4-0 से हराया और अपनी जीत दर्ज की. इसकी के साथ भारतीय टीम दूसरी बार यह ख़िताब अपने नाम किया. पहली बार 2016 में भारतीय टीम ने यह ख़िताब अपने नाम किया था. भारत इसी के साथ विजेता और जापान उपविजेता बनी. झारखंड की राजधानी रांची में मैच खेला गया था.

मैच अपने निर्धारित 50 मिनट की देरी से हुआ था. मैच के शुरुवात से ही भारतीय टीम ने अपना दबदबा बनाये रखा और मैच का पहला गोआल आदिवासी खिलाडी संगीता कुमारी ने किया. उसके बाद भारत की टीम ने मैच के अंतिम समय में अपना चौथा गोल किया. टीम में शामिल आदिवासी खिलाडियों ने इस खेल में शानदार प्रदर्शन किया है.

अपने बेहतरीन खेल से भारत को जीत दिलाने में इन आदिवासी प्लेयर की अहम भूमिका रही. खेल में प्लेयर ऑफ़ थे मैच, प्लेयर ऑफ़ टूर्नामेंट यहां तक की राइजिंग प्लेयर ऑफ़ दी टूर्नामेंट का अवार्ड जितने वाली खिलाडी आदिवासी हैं. इस बार की टीम में 6 आदिवासी खिलाडी शामिल थे जिसमे से 4 खिलाडी सिर्फ झारखण्ड से ही थे. सलीमा टेटे, संगीता कुमारी, दीप ग्रेस एक्का, निक्की प्रधान, बीचु देवी खरीबाम और लालरेंसियमि, यह वो आदिवासी खिलाडी हैं जिनकी बदौलत भारत ने इतिहास रचा है.

आइये जानते हैं इन आदिवासी खिलाडियों प्रदर्शन और उनके बारे में

सलीमा टेटे: सलीमा टेटे आज हॉकी का वह नाम है जो किसी के परिचय का मोहताज नहीं. सलीमा को झारखण्ड वीमेंस एशियन चैंपियनशिप में अपने शानदार परफॉर्मेंस के लिए प्लेयर ऑफ़ दी टूर्नामेंट के अवार्ड से नवाजा गया है. उन्होंने इस खेल में कुल 5 गोल किए. 15 साल की उम्र में ही उन्हें जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए चुन लिया गया था. साल 2016 में U18 एशिया कप के लिए जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम के बतौर उप-कप्तान खेला था और इस टीम ने कांस्य पदक जीता था. इसके बाद नवंबर 2016 में टेटे को सीनियर महिला टीम में एक कॉम्पीटिशन के लिए भी चुना गया था. इसके बाद साल 2019 में यूथ ओलंपिक में, उन्हें जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम का कप्तान बनाया गया और इस टीम ने रजत पदक जीता था. साल 2019 में ही उन्हें स्थायी रूप से सीनियर भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए चुना गया था और तब से लेकर अब तक वो टीम इंडिया के लिए खेलती हैं. सलीमा कोरिया के मुंगयोंग में एशियन हॉकी फ़ादफ़ेड्राशन में एमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ दी ईयर से सम्मानित और आईएएनएस की ब्रांड अम्बेस्डर भी रह चुकी है.

संगीता कुमारी: एशियन गेम्स में अपना जलवा बिखेरने और टॉप स्कोरर के ख़िताब से नवाजी गयी संगीता कुमारी को कौन नहीं जानता. झारखण्ड वीमेंस एशियन चैंपियनशिप में थाईलैंड के खिलाफ खेले गए बेहतरीन खेल के लिए ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ भी मिला था. झारखंड आदिवासी खिलाड़ी संगीता कुमारी को “राइजिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” से नवाजा गया. संगीता कुमारी का जन्म झारखंड राज्य के सिमडेगा जिले के करंगागुड़ी नवाटोली गांव में हुआ था .वर्ष 2022 में संगीता ने सीनियर प्लेयर के रूप में नेशनल टीम में अपनी जगह बनाई थी.

दीप ग्रेस एक्का: वहीं भारतीय टीम की उप-कप्तान और अनुभवी खिलाडी दीप ग्रेस एक्का को “प्लेयर ऑफ द मैच” से सम्मानित किया गया. भारतीय टीम की उप-कप्तान, दीप ग्रेस एक्का का जन्म 3 जून 1994 को लुलकिडीही, सुंदरगढ़, ओडिशा में हुआ था. दीप ग्रेस एक्का ने महज 13 साल की उम्र में अपनी पहली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता खेली थी. वर्ष 2011 में बैंकॉक में आयोजित अंडर-18 एशिया कप में अपना पहला सीनियर अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था. दीप अब तक दो एशियाई गेम्स खेल चुकी हैं.

इसके अलावा अन्य आदिवासी खिलाडी जिन्होंने अपना योगदान भारत को जीत दिलाने में दिया

निक्की प्रधान: निक्की कोई सामान्य खिलाड़ी नहीं है, वो भारत के लिए वर्ल्ड कप से लेकर ओलिंपिक गेम्स में खेल चुकी हैं. साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम में निक्की का झारखंड हॉकी टीम में चयन हुआ था. जिसमें उन्होंने पहली बार नेशनल खेला था. भारतीय सीनियर टीम के लिए 2015 में दिल्ली में ओपन ट्रायल में निक्की का ही चयन हुआ था. जिसके बाद से वो राष्ट्रीय टीम के लिए खेल रही है. वो 2016 में हुए रियो ओलंपिक में भी भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकीं हैं. निक्की झारखण्ड की रहने वाली हैं.

लालरेम्सियामी: झारखण्ड वीमेंस एशियन चैंपियनशिप में एक और नाम है जो काफी चर्चा में है वो है लालरेम्सियामी, जिन्होंने कुल 3 गोल का योगदान दिया. लालरेंसीअमि पेशेवर हॉकी खिलाड़ी है जो एक फ़ारवर्ड के रूप में भारतीय राष्ट्रीय टीम में खेलती हैं. लालरेंसीअमि का जन्म कोलासिब, मिजोरम में हुआ था. 2016 में एशिया कप में खेले जाने वाले अंडर -18 भारतीय पक्ष में लालरेमसियामी को शामिल किया गया था.उसने एशियाई युवा ओलंपिक खेलों के क्वालीफायर में यू -18 पक्ष का प्रतिनिधित्व किया था. उन्हें 2018 विश्व कप के लिए 18-सदस्यीय टीम के रूप में महज 18 साल की उम्र में शामिल किया गया था.

बिचू देवी खारीबाम: एशियाई खेल 2023 रोस्टर में बिचू देवी खारीबाम भारत की महिला हॉकी टीम की गोलकीपर के रूप में शामिल हुई थी. तब से लेकर अब तक वो गोलकीपर की भूमिका बड़े से शानदार तरीके से निभा रही है.
उनका करियर अर्जेंटीना में 2018 युवा ओलंपिक में उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन के बाद तेजी से आगे बढ़ा है. 2019 में, उन्हें डबलिन में 4 देशों के जूनियर महिला आमंत्रण टूर्नामेंट में ‘गोलकीपर ऑफ द टूर्नामेंट’ से सम्मानित किया जा चूका है. बिचू देवी खारीबाम मणिपुर की रहनी वाली है और वो एशियाई खेल का हिस्सा भी रह चुकी हैं.

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