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अंडर-17 फीफा महिला विश्व कप: जानें कितनी आदिवासी लड़कियां हैं दम दिखाने को तैयार

Posted on October 6, 2022 - 8:30 am by

भुवनेश्वर में 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले फीफा अंडर-17 विश्व कप के लिए भारतीय महिला अंडर-17 टीम के मुख्य कोच थॉमस डेनेरबी ने 21 सदस्यों की टीम की घोषणा कर दी है। गुमला की अष्टम उरांव को टीम का कप्तान चुना गया है, जबकि झारखंड की ही नीतू लिंडा, अंजलि मुंडा, अनीता कुमारी, पूर्णिमा कुमारी और सुधा अंकिता तिर्की को टीम में शामिल किया गया है। इसमें अधिकांश अदिवासी युवतियां भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

मेजबान भारत को ग्रुप ए में अमेरिका, मोरक्को और ब्राजील के साथ रखा गया है। भारतीय टीम 11 अक्टूबर को अमेरिका के खिलाफ अपने अभियान की शुरूआत करेगी। भारत के सभी मैच भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में होंगे। टूर्नामेंट के मैचों को भुवनेश्वर, मडगांव(गोवा) और नवीं मुंबई में 11 से 30 अक्टूबर तक खेला जाएगा।

भारत के हेड कोच का कहना है कि भारत ने इससे पहले कभी विश्व कप नहीं खेला है। यह सभी के लिए नयी स्थिति है। यह पूरी तरह से अलग स्तर का खेल होगा। हमारे पास सबको यह दिखाने का अनोखा मौका होगा कि हमने अच्छी तैयारी की है और हमें कोई आसानी से नही हरा सकता है।

कोच ने आगे कहा कि, जब आप मैदान पर होते है तो सबकुछ पीछे छूट जाता है और सिर्फ आपको खेल पर ध्यान देना होता है। लड़कियों को यही करना चाहिए। हम जीत के दावेदार के रूप में नहीं जा रहे हैं। मेरा मानना हे कि दबाव प्रतिद्वंदी टीमों पर होगा।

वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि हमें लगभग 2 वर्षों तक जमशेदपुर में भारतीय राष्ट्रीय टीम के शिविर का समर्थन करने पर बहुत गर्व है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऐसे किया था खिलाड़ियों को प्रोत्साहित

वर्ष 2020 में लॉकडॉन के दौरान जब पूरा देश बंद था। उस दौरान 2021 में होने वाले फीफा अंडर-17 के लिए भारतीय टीम में चयनित झारखण्ड की खिलाड़ियों को गोवा से वापस झारखण्ड लौटना पड़ा था। अधिकतर खिलाडियों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण तैयारी और खानपान में असर पड़ रहा था। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने सबसे पहले फीफा प्रतियोगिता के लिए चयनित राज्य की खिलाडियों की ट्रेनिंग की व्यवस्था का निर्देश खेल विभाग को दिया। जिसके बाद सभी खिलाड़ियों को रांची लाकर मेडिकल सुविधा दिला कर राजकीय अतिथि शाला में रखा गया। राष्ट्रीय टीम के मेन्यू के अनुरूप उनके लिए खाने की व्यवस्था और कैंप हेतु मोराबादी फुटबॉल स्टेडियम में ग्राउंड एवं दो कोच की व्यवस्था की गई। इसके बाद फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम के विश्वस्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा जमशेदपुर में मुख्यमंत्री के निर्देश पर सुनिश्चित की गई। जहां 10 माह तक भारतीय टीम ने वर्ल्ड कप के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया था। टीम के लिए रहने की व्यवस्था, ग्राउन्ड, स्विमिंग पूल, जिम सहित यात्रा हेतु बस की सुविधा पूरे 10 माह के लिए सुनिश्चित की गई थी। भारतीय टीम में शामिल झारखण्ड की उन्हीं बेटियों ने आज राज्य का मान बढ़ाया। ये बेटियां झारखण्ड का गौरव हैं। इन बेटियों ने संक्रमण के दौर में जबरदस्त साहस और धैर्य दिखाया। अब ये देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

यूनिसेफ ने चैंपियन आफ चेंज फॉर चाइल्ड राइट्स के रूप में सहयोग किया

चयनित इन बेटियों को सहयोग प्रदान करने के लिए खेल विभाग की ओर से फुटबॉल किट एवं यूनिसेफ की ओर टी-शर्ट्स प्रदान किया गया था। यूनिसेफ ने चैंपियन आफ चेंज फॉर चाइल्ड राइट्स के रूप में चयनित खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ा था। यूनिसेफ इन्हें बाल अधिकारों, किशोर-किशोरियों के मुद्दों, समुचित पोषण की आवश्यकता, माहवारी, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक परामर्श आदि मुद्दों पर सरकार को दिए जाने वाले तकनीकी सहयोग के रूप में प्रशिक्षित किया था।

वहीं भारत के न्याय व कानून मंत्री किरन रिजिजू ने ट्वीट कर कहा है कि, “अंडर-17 फीफा विश्व कप 2022 के लिए हमारी युवा महिला टीम तैयार है। मुझे उम्मीद है कि हम भी उन्हें खुश करने वाले हैं !! याद रखें, हमारा उत्साहपूर्ण समर्थन हमारे खिलाड़ियों के मनोबल को काफी बढ़ा देगा, और भारत में फुटबॉल को बढ़ावा देगा”

भारतीय महिला अंडर-17 टीम

गोलकीपर – मोनालिसा देवी मोईरंगथम, मेलोडी चानू कीशम, अंजलि मुंडा।

डिफेंडर – अस्तम उरांव, काजल, नकेता, पूर्णिमा कुमारी, वार्शिका, शिल्की देवी हेमम।

मिडफील्डर – बबीना देवी लिशम, नीतू लिंडा, शैलजा, शुभांगी सिंह।

फॉरवर्ड – अनिता कुमारी, लिंडा कॉम सर्टो, नेहा, रेजिया देवी लैशराम, शेलिया देवी लोकतोंगबम, काजोल ह्यूबर्ट डिसूजा, लावण्या उपाध्याय, सुधा अंकिता तिर्की।  

फुटबॉल लिजेंडरी सुनिल छेत्री ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी है और कहा कि परूषों के मुकाबले लड़कियों का कम उत्साह बढ़ाया जाता है। लेकिन वो अफनी छाप हर जगह छोड़ रही है।

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