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पीएमएएजीवाई में चतरा, लातेहार व पलामू के कितने गांव शामिल है?

Posted on October 17, 2022 - 5:23 am by

विजय उरांव

प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना के संबंध में भाजपा के चतरा लोकसभा सांसद सुनिल कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना, बजट, उद्देश्यों, लक्ष्यों और पात्रता व योजना के तहत पांच सौ से अधिक लोगों की आबादी वाले और 50 प्रतिशत जनजातीय आबादी वाले गांवों को पीएमएएजीवाई के रूप में विकसित किया जाएगा?  पांच सौ से अधिक आबादी वाले और पचास प्रतिशत जनजातीय आबादी वाले गांवों का कोई आंकड़ा और पीएमएएजीवाई के तहत झारखंड के चतरा, लातेहार और पलामू जिलों से शामिल किए गए विभिन्न गांव से संबंधित सवाल पुछे थे

इस पर 8 अगस्त को जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने देते हुए कहा था कि सरकार 2021-22 से 25-26 के दौरान कार्यान्वयन के लिए “प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना” नामांकरण के साथ जनजातीय उप-योजना (TSS को SCA) के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की पिछली योजना को संशोधित किया है। जिसका उद्देश्य केंद्रीय अनुसूचित जनजाति घटक में विभिन्न योजनाओं के तहत उपलब्ध धन के साथ अभिसरण में महत्वपुर्ण जनजातीय आबादी वाले गांवों में अंतर को कम करना और बुनियादी ढ़ांचा प्रदान करना है। इस अवधि के दौरान अजजा के साथ राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों में कम से कम 50% अजजा आबादी और 500 अजजा वाले 36,428 गांवों को कवर करने की परिकल्पना की गई है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य अभिसरण दृष्टिकोण के माध्यम से चयनित गांवो के एकीकृत सामाजिक आर्थिक विकास को प्राप्त करना है। इसमें आंध्र प्रदेश (517), अरूणाचल प्रदेश (141), असम (1700), बिहार (184), छत्तीसगढ़ (4029), दादर और नगर हवेली (53), दमन और दीव (2), गोवा (21), गुजरात (3764), हिमाचल प्रदेश (90), जम्मु कश्मीर (434), झारखंड (3841), कर्नाटक(507), केरल(6), मध्यप्रदेस (7307), महाराष्ट्र(3605), मनिपुर (254), मेघालय(836), मिजोरम (344), नागालैंड(530), ओड़िसा(1653), राजस्थान(4302), सिक्किम(62), तमिलनाडु(167), तेलंगाना(533), त्रिपुरा (375), उत्तर प्रदेश (138), उत्तराखंड (64), पश्चिम बंगाल (874) शामिल है।  

इस योजना के उद्देश्य हैं –

– 1) जरूरतो, संभावनाओं और आकांक्षाओं के आधार पर ग्राम विकास योजना तैयार करना,

2) केंद्र/राज्य सरकारों की व्यक्तिगत/पारिवारिक लाभ योजनाओं के कवरेज को अधिकतम करना,

3) स्वास्थ, शिक्षा, संयोजकता(कनेक्टिविटी ) और आजीविका जैसे महत्वपुर्ण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे में सुधार करना।

इस योजना में विकास के 8 प्रमुख क्षेत्रों अर्थात् सड़क संपर्क (आंतरिक और अंतरगांव/ब्लॉक), दूरसंचार संपर्क (मोबाईल, इंटरनेट), स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ उप केंद्र, पेयजल सुविधा, जल-निकासी और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में अंतर को कम करने की परिकल्पना की गई है। पीएमएएजीवाई के तहत प्रशासनिक खर्चों सहित अनुमोदित खर्चों के लिए “अंतर भरण” के रूप में प्रति गांव 20.38 लाख रूपये राशि का प्रावधान किया गया है. अगले पांच वर्षो में योजना के लिए कैविनेट द्वारा 7,276 करोड़ रूपये की राशि मंजूरी दी गई है।

झारखंड के चतरा, लातेहार और पलामु में शामिल गांव

2021-22 से 25-26 के दौरान झारखंड के चतरा (12 गांव), लातेहार (176 गांव) और पलामु (68 गांव) जिलों पीएमएएजीवाई के तहत 256 गांवो को चिंहित किया गया है।  

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