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आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के म्यूजियम में सरकार ने कितना किया खर्च?

Posted on October 13, 2022 - 5:43 am by
  • दस राज्यों में है आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों की म्युजियम

विजय उरांव

जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़े परियोजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए डोमरियागंज से सांसद (भाजपा) जगदम्बिका पाल ने सवाल किया था कि क्या भारत के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय किया जिसमें उनके योगदानों और बलिदानों की जानकारी हो और इसके लिए जारी की निधि के लिए जानकी मांगी थी, जिसके जवाब में 9 अगस्त 2021 को जनजातीय कार्य मंत्री रेणुका सिंह सरूता ने जवाब दिया था कि जनजातीय कार्य मंत्रालय जनजातीय लोगों की वीरता और देशभक्तिपूर्ण कार्यों को मान्य करने के लिए जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों जिन्होने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और झुकने से इनकार कर दिया। ताकि आने वाली पीढ़ियां जान सके कि कैसे जनजातीय राष्ट्र के लिए बलिदान देने में शामिल थे, के स्थापना के लिए राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को केंद्रीय प्रायोजित योजना “जनजातीय अनुसंधान संस्थानों को समर्थन” के तहत वितीय सहायता प्रदान करता है।

जनजातीय कार्य मंत्रालय ने इस योजना के तहत ऐसी परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की समिति का गठन किया था, मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों में जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के लिए उनके प्रस्तावों के आधार पर संग्रहालयों के निर्माण के लिए 10 पिरयोजनाओं को मंजुरी दी है।  

गुजरात के राजपिपला में देश भर के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी का परियोजना लागत (102.55/137.01 करोड़)(संशोधित) है, इसमें जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रतिबद्धता 50 करोड़ है और निर्मुक्त की गई निधि 50 करोड़ है, झारखंड के रांची में भगवान बिरसा मुंडा का परियोजना लागत (36 करोड़) इसमें जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रतिबद्धता 25 करोड़ है और निर्मुक्त की गई निधि 25 करोड़ है, आंध्र प्रदेश के लम्बसिंगि में श्री अल्लुरी सीताराम राजू का परियोजना लागत (35 करोड़) इसमें जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रतिबद्धता 15 करोड़ है और निर्मुक्त की गई निधि 7.50 करोड़ है, छत्तीसगढ़ के रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह का परियोजना लागत (25.66 करोड़) इसमें जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रतिबद्धता 15 करोड़ है और निर्मुक्त की गई निधि 4.65 करोड़ है.

केरल के कोझिकोड में थल्लाकल चंदू का परियोजना लागत (16.16 करोड़) इसमें जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रतिबद्धता 15 करोड़ है और निर्मुक्त की गई निधि 6.93 करोड़ है, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में तांत्या भील, भीम नायक, खाज्या नायक का परियोजना लागत (38 करोड़) इसमें जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रतिबद्धता 15 करोड़ है और निर्मुक्त की गई निधि 1.00 करोड़ है,

तेलंगाना के हैदराबाद में रामजी गोंड का परियोजना लागत (18 करोड़) इसमें जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रतिबद्धता 15 करोड़ है और निर्मुक्त की गई निधि 1 करोड़ है, मनिपुर में रानी गाइदिन्ल्यु का परियोजना लागत (51.30 करोड़) इसमें जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रतिबद्धता 15 करोड़ है और निर्मुक्त की गई निधि 1 करोड़ है, मिजोरम के केल्सिह में रोपुइलियानि का परियोजना लागत (15 करोड़) इसमें जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रतिबद्धता 15 करोड़ है और निर्मुक्त की गई निधि 7.00 करोड़ है, गोवा के पोंडा में गोवा के ट्राइबल हिरो जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी का परियोजना लागत (30 करोड़) इसमें जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रतिबद्धता 15 करोड़ है और निर्मुक्त की गई निधि 0.10 करोड़ है,

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