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सिक्किम के टीआरआई को कितना फंड, सांसद ने केंद्र से पूछा

Posted on February 13, 2023 - 10:40 am by
संसद में आदिवासी विशेष

जनजातीय अनुसंधान संस्थान देश के जनजातियों से संबंधित विषयों पर शोध करता है, जिससे जनजातीय विकास से संबंधित नीतियां तैयार की जा सके. इन शोध संबंधी खर्च के संबंध में सिक्किम के सांसद इंद्रा हांग सुब्बा ने केंद्र सरकार से पूछा है कि जनजातीय अनुसंधान संस्थान सिक्किम को पिछले पांच वर्षों में कितनी राशि आवंटित की गई है. इसके अलावा क्या प्रशिक्षण दिया गया है और पूर्वोत्तर राज्यों के स्वदेशी शिल्प और वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए क्या पहल की है.

केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री रेणुका सिंह सरूता ने 6 फरवरी 2023 को दिए जवाब में बताया केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजना के माध्यम से जनजातीय अनुसंधान संस्थानों के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करता है. जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विभिन्न अनुसंधान किए जाते हैं. उन्होने कहा कि इस योजना का मूल उद्देश्य टीआरआई और अनुसंधान, प्रलेखन गतिविधियों और प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण आदि को सुदृढ़ करना है. जनजातीय कार्य मंत्रालय 25 राज्यों और 2 संघ राज्य क्षेत्रों में 27 जनजातीय अनुसंधान संस्थान को वित्तपोषित कर रहा है. जिसमें सिक्किम में टीआरआई को सहायता योजना के तहत 2017-18 में 136 लाख रू, 2018-19 में 194.50 लाख रू, 2019-20 में 82.50 लाख रू, 2020-21 में 144 लाख रू, 2021-22 में 273.3 लाख रू. जारी की गई थी.

जनजातीय कार्य मंत्रालय और ट्राइफेड की पहलें

राज्य टीआरआई अपने राज्यों में प्रशिक्षण लेते हैं, सिक्किम में टीआरआई में द्वारा किए गए प्रशिक्षण में वित्तीय वर्ष 2018-19 में एफआरए, 2006 कार्यन्वयन पर राज्य के बाहर टीआरआई अधिकारियों का प्रशिक्षण, स्थानीय भाषा में टीआरए प्रशिक्षण, राज्य के सभी पंचायतों को एफआरए के बारें में जागरूकता, लेप्चा जनजातीय लोक नाटक, जनजातीय कारीगरों के मूल्य संवर्धन और बाजार लिंकेंज आदि. वित्तीय वर्ष 2019-20 में सिक्किम में जनजातीय भाषाओं के शिक्षण और सीखने पर भूटिया, लेप्चा, लिंबू, तमांग और शेरपा भाषा के शिक्षकों के लिए सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आदि.

वहीं 2020-21 में तमांग जनजातीय कला को बढ़ावा देना. स्वदेशी शिल्प और वस्त्रों को बढ़ावा के लिए पहल जनजातीय कार्य मंत्रालय पीएम जनजाति विकास मिशन के माध्यम से ट्राइफेड को जनजातीय उत्पादों की खरीद और खुदरा दुकानों के माध्यम से प्रदर्शनियों, मेलों, महोत्सवों, सप्लायर मीट आदि का आयोजन करके मार्केटिंग के लिए निधियां प्रदान करता है.

पूर्वोत्तर क्षेत्रों के जनजातीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मार्केटिंग और रसद विकास की योजना को 2021-22 के दौरान मंजूरी दी गई है. हस्तशिल्प और हथकरघा निदेशालय,सिक्किम सरकार ने स्वदेशी शिल्प को बढ़ावा देने के लिए सिक्किम के सभी छह जिलों में स्थानीय युवाओं के लिए विभिन्न कला और शिल्प के संबंध में शाखा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए हैं. हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री केलिए गंगटोक और नई दिल्ली में बिक्री एम्पोरियम और राज्य के विभिन्न स्थानों में छोटे आउटलेट्स हैं. 

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