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एकलव्य स्कूल में प्रत्येक छात्र पर कितने रूपये होते हैं खर्च, मंत्रालय ने दिया जवाब

Posted on February 25, 2023 - 11:37 am by
संसद में आदिवासी विशेष

विजय उरांव, ट्राइबल खबर के लिए

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय(EMRS) पूरे भारत में जनजातियों के लिए मॉडल स्कूल बनाने की एक योजना है. इसकी शुरूआत साल 1997-98 में हुई थी. जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्वारा नासिक में EMRS की योजना आसपास के आदिवासी क्षेत्रों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ाने के लिए बनाई गई थी. EMRS  में सीबीएससी पैटर्न को फॉलो किया जाता है.

वर्तमान में पूरे देश में 740 EMRS बनाने की योजना है. इसी EMRS की श्रेणी में वर्ष 1998 से 2022 तक आंध्रप्रदेश में 28 स्कूल और राजस्थान के उदयपुर जिलें में 08 स्कूल कार्यशील अवस्था में है. मंत्रालय के अनुसार स्कूल के संचालन एवं प्रबंधन के प्रति विद्यार्थी हर साल 1 लाख 9 हजार रूपये खर्च किए जाते हैं.

देशभर में वर्तमान एकलव्य मॉडल स्कूल की स्थिति

वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल के लिए 5943 करोड़ रूपये रखे गए. इसमें मैदानी क्षेत्रों के प्रत्येक स्कूलों में 38 करोड़ रुपये और पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में 48 करोड़ रुपये की इकाई लागत(प्रत्येक स्कूलों पर किए जा रहे खर्च) से नए EMRS स्कूलों का निर्माण किया जा रहा है.

साल 2019 से ईएमआरएस की एक नई केंद्रीय क्षेत्र योजना बनाने के बाद 402 नए ईएमआरएस स्वीकृत किए गए हैं. 50 फीसदी या उससे अधिक और 20 हजार आदिवासी जनसंख्या वाले ब्लॉकों में 740 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य है. पहले से ही लगभग 400 EMRS में 1 लाख 13 हजार से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें से 57 हजार से अधिक लड़कियां हैं.

इन ईएमआरएस में जनजातीय छात्रों की स्वाभाविक खेल प्रतिभा को निखारने की सुविधा होगी. इसमें विज्ञान और कंप्यूटर लैब, कौशल विकास, कला, शिल्प और संगीत के प्रावधान होंगे.

आंध्रप्रदेश और राजस्थान के उदयपुर में EMRS

इससे संबंधित सवाल आंध्र प्रदेश के तिरूपति से सांसद मद्दीला गुरूमूर्ति और राजस्थान के उदयपुर से सांसद अर्जुन लाल मीणा ने जनजातीय कार्य मंत्रालय से सवाल पूछे थे कि आंध्रप्रदेश और राजस्थान के उदयपुर में कितने EMRS स्थापित हैं, यह कितने ब्लॉकों में है और इसके अलावा तीन वर्षों में कितनी राशि आवंटित की गई है.

इस पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री ने अपने जवाब में बताया कि 50 फीसदी से अधिक या 20 हजार वाले ब्लॉक में EMRS की स्थापना की जा रही है. वर्ष 2025-26 तक 740 EMRS स्थापित करने का प्रस्ताव है. वर्ष 1998-99 से 2021-22 तक आंध्र प्रदेश में 28 स्कूल और राजस्थान के उदयपुर जिले में 08 स्कूल बनाएं जा रहे हैं.

बता दें कि ईएमआरएस के निर्माण के लिए मैदानी क्षेत्रों में 37 करोड़ 38 लाख रूपये और पूर्वोत्तर, पहाड़ी एवं वामपंथी उग्रवाद क्षेत्रों में 48 करोड़ रूपये लगाए जा रहे हैं. मंत्रालय के अनुसार स्कूल के संचालन एवं प्रबंधन के प्रति विद्यार्थी हर साल 1 लाख 9 हजार रूपये खर्च किए जाते हैं.

मंत्रालय के अनुसार पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष के दौरान नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स को कुल 37 अरब 39 करोड़ 22 लाख जारी किए गए थे, जिसमें वर्ष 2019-20 में 16 करोड़ 21 लाख रूपये, साल 2020-21 में 1200 करोड़ रूपये, साल 2021-22 में 1057 करोड़ 74 लाख रूपये और साल 2022-23 में (7 फरवरी 2023 तक) 1465 करोड़ 27 लाख रूपये शामिल है. 

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