Skip to main content

मैंने कोई अपराध किया है तो गिरफ्तार करो, पुछने की क्या जरूरत है: हेमंत सोरेन

Posted on November 4, 2022 - 3:46 pm by

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने 3 नवंबर को ईडी के समन पर पेश होने से साफ इनकार किया. इसके साथ भाजपा केंद्र सरकार पर सीधा हमला साधा है. हेमंत सोरेन ने कहा कि मुझे ईडी की ओर से आज के लिए समन जारी किया गया,  जब छत्तीसगढ़ में मेरा आज आयोजन था. यदि मैंने कोई अपराध किया है तो फिर आकर मुझे गिरफ्तार कर लो. इसके लिए पूछताछ की क्या जरूरत है? ईडी ऑफिस के बाहर सुरक्षा क्यों बढ़ाई गई है. आप झारखंडियों से डरे हुए क्यों हैं?

हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि हमने राज्य में कुछ बाहरी गैंगों की पहचान की है. जो चाहते हैं कि झारखंड के आदिवासी अपने पैरों पर न खड़े हो सकें. इस राज्य में झारखंडियों का ही शासन रहेगा, किसी बाहरी ताकत का कब्जा नहीं हो सकेगा. आने वाले लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में राज्य से भाजपा का सफाया कर दिया जाएगा.

झामुमों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया

ईडी द्वारा समन जारी किए जाने के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा सड़क पर उतर आया. कार्यकर्ताओं का हुजूम पहले राजधानी रांची स्थित मोरहाबादी मैदान में इकट्ठा हुआ. इसके बाद वहां से यह हुजूम रैली में तब्दील होकर मुख्यमंत्री आवास जा पहुंचा. झामुमो कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार, बीजेपी और केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. सीएम कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उक्त बातें की. उन्होंने कहा कि 3 नवंबर को वह छत्तीसढ़ में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल होने जा रहे थे. साजिश के तहत इसी दिन ईडी की ओर से हाजिरी लगाने का समन आ गया.

आदिवासी मुख्यमंत्री उन्हें हजम नहीं

झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव में हमें स्पष्ट और पूर्ण जनादेश मिला. सामंतवादी सोच वाली पार्टी इसे पचा नहीं पा रही है. आदिवासी मुख्यमंत्री उन्हें हजम नहीं हो रहा है. झामुमों विधायक बैजनाथ राम ने कहा कि आखिर चुनाव आयोग का लिफाफा इतने दिनों से राजभवन में क्यों पड़ा है. यदि उसमें कोई तथ्य है तो महामहिम सार्वजनिक करें.

2 अक्टूबर को ईडी द्वारा भेजे गए समन पर सीएम ने ट्विटर पर पोस्ट कर कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर राज्य के आदिवासी सीएम को कैसे परेशान किया जाये यही विपक्ष की सोच है. मुझे परेशान करने की कोशिश के पीछे एक ही उद्देश्य है कि दलित, आदिवासी, पिछड़ा और अल्पसंख्यक को हक न मिले. जब राज्य के करोड़ो जन मानस का साथ हो तो इनकी कोई साजिश काम नहीं आयेगी.

अवैध खनन के मामले पर 3 नवंबर को ईडी ने सीएम को पूछताछ के लिए समन जारी किया था. हालांकि सीएम ने जाने से साफ मना कर दिया. एक कर्मी ईडी कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों को बंद लिफाफा को सौंप कर चला गया. ईडी कार्यालय को सीएम द्वारा सोंपे गए पत्र में तीन हफ्ते का समय मांगा गया है. जिस पर ईडी के अधिकारी विचार कर रहे हैं.

No Comments yet!

Your Email address will not be published.