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अब देशभर के विश्वविद्यालयों में मनायी जाएगी जनजातीय गौरव दिवस

Posted on November 7, 2022 - 12:30 pm by

भगवान बिरसा मुंडा जैसे गुमनाम नायको को पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रचार-प्रसार कर रही है. देश के उच्च शिक्षा संस्थानों में 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाए जाने का सुझाव मिला है. यह सुझाव उच्च शिक्षा नियामक संस्थान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और  अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के द्वारा संयुक्त पत्र में जारी किया गया है.

नियामक संस्थान ने संयूक्त पत्र में कहा कि जैसा कि आप जानते हैं,  भारत सरकार ने हर साल 15 नवंबर यानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में घोषित किया है. 15 नवंबर 2022 को उच्च शिक्षण संस्थानों में इस अवसर को मनाने के लिए कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. जिसमें

1. भगवान बिरसा मुंडा जैसे आदिवासी नेताओं की विरासत के साथ-साथ अन्य महान व्यक्तित्वों और जनजाति समुदायों के गुमनाम नायकों का प्रसार किया जाएगा.

2.  जनजातीय गौरव दिवस पर और आजादी का अमृत महोत्सव में छात्रों के बीच ‘स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी नायकों का योगदान’  विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी.   और छात्रों को उनके काम के लिए सम्मानित किया जाएगा.

3. सभी विश्वविद्यालयों और उनके संबद्ध कॉलेजों गतिविधियों को करने को लेकर प्रोत्साहित करने का अनुरोध किया जाएगा. साथ ही 15 नवंबर 2022 को जोश और उत्साह के साथ ‘जनजातीय गौरव दिवस’  मनाया जाएगा. दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों को सभी लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से बढ़ावा दिए जाएगें.

बता दें कि पिछले साल 10 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के जयंती यानी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के तौर पर मनाए जाने की घोषणा की थी.

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