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झारखंड सरकार के पास दखल दिहानी के मामलों की जानकारी नहीं?

Posted on March 3, 2023 - 5:05 pm by

पंचम झारखंड विधानसभा के 11वें सत्र में मांडर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि सीएनटी एक्ट के तहत जमीन में मूल रैयत के द्वारा दखल दिहानी के लिए कितने आवेदन प्राप्त किए है. और कितने आवेदन का निष्पादन हुआ है. सवाल पर आये जवाब से संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि 2021 के एक सवाल में इसी जवाब को दिया गया था और अब भी वही है. जिसमें कहा गया है कि कोर्ट में 4 हजार मामले हैं.

क्या है दखल-दिहानी

कानून में दखल दिहानी का अर्थ अधिकारियों के द्वारा ऐसी संपत्ति पर किसी को कब्जा दिलाना होता है, जिस पर किसी दूसरे का दखल चला आ रहा हो.

अधिकारी नहीं दिला रहे हैं दखल दिहानी

शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि जबकि मुझे जो जानकारी मिली है उसके अनुसार दखल दिहानी सिर्फ रांची में केंद्रित दस हजार मामले हैं.

इस पर जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री जोबा मांझी ने कहा कि उनके पास एक सवाल आया था. क्या यह सही है कि दखल दिहानी के लिए सरकार के पास विभिन्न जिलों से आवेदन प्राप्त हुए हैं और छोटानागपुर कास्तकारी अधिनियम, 1908 के तहत कितने मामलों में दखल दिहानी की गई है. उसके अनुरुप ही जवाब दिया गया.  दखल दिहानी में 901 मामलों को निष्पादित किया गया है. इसमें से 3326 मामले लंबित है. दखल दिहानी करने की संख्या 279 है.

इस पर शिल्पी नेहा ने कहा कि 2021 और 2023 का जवाब एक कैसे हो सकता है. शिल्पी ने विधायक राजेश कच्छप के ओर इशारा करते हुए कहा कि उनके जानकारी में रांची में ही 1 लाख मामला है. जबकि रिपोर्ट में 4 हजार दिखा रहा है. सरकार के व्यवस्था पर सवाल है कि जब अधिकारियों को एसएआर का आदेश है, सरकार अधिकारियों को आदेश जारी कर रही है. तो अधिकारी इसमें क्या कर रहे हैं.

एक महीने में रिपोर्ट बनाने की मांग

कैबिनेट मंत्री के द्वारा मांडर विधायक शिल्पी नेहा तिर्की के द्वारा वर्ष 2021 और 2023 की एक रिपोर्ट दिए जाने से असंतुष्ट होने पर जवाब में मंत्री जोबा मांझी ने कहा कि अगर ऐसा कोई मामला है तो सरकार देखेगी, लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ है.

इस पर शिल्पी नेहा ने एक महीने में अपडेट रिपोर्ट बनाने की मांग की. इसके अलावा अधिकारियों ने इस पर क्यों एक्शन नहीं लिया इसकी भी जानकारी मांगी.  

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