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झारखंड: सरना झंडा अपमान का मामला निकला जमीन विवाद

Posted on April 8, 2023 - 4:26 pm by

सरना झंडा को उखाड़ने और जलाने के मामले पर रांची के कई क्षेत्रों में 8 अप्रैल को विभिन्न आदिवासी संगठनों के लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं.  सुबह से ही आदिवासी समाज से बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरूषों द्वारा राजधानी के कई हिस्सों में अपना विरोध दर्ज किया जा रहा है. इसे देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन की तैनाती कई ईलाकों में की गई है.   

आदिवासी भावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात से आदिवासी संगठन के लोग झंडा अपमान करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाई की मांग कर रहे हैं. सड़क पर प्रदर्शन कर रहे कई आदिवासी संगठन समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है, जिन्हें शाम तक रिहा कर दिया जाएगा.

क्या है विरोध का मुद्दा

प्रदर्शन कर रहे लोगों के अनुसार, असमाजिक लोगों ने रांची के करम-टोली में  लगे सरना झंडा का अपमान करते हुए से जला दिया था. इससे आदिवासी समाज के लोग नाराज थे. आदिवासी संगठनों का आरोप है कि सरना झंडा को अपमान करने वाले लोगों का नाम बताने के बावजूद पुलिस प्रशासन आरोपियों को बचाते दिख रही थी. इसी को लेकर उन्होंने 7 अप्रैल की शाम को मशाल जुलूस और 8 अप्रैल को रांची बंद बुलाया था.

सुबह के समय कई प्रमुख इलाकों में बंद का असर दिख रहा था. हालांकि, दोपहर के बाद से स्थिति सामान्य हो गई है. पुलिस ने बंद को सामान्य करते हुए स्थानीय लोगों को यह आश्वासन दिया है कि जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा.

क्या है असल सच्चाई

अब तक आपने जो भी पढ़ा और जाना यह केवल एक पक्ष की बात थी, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है, जिसके लिए दूसरे पक्ष की बात को भी जानना बेहद जरूरी है.

दरअसल, यह मुद्दा सरना झंडा को अपमान करने की बात है ही नहीं, कहने का मतलब है कि झंडे को फेंकने जैसा कोई असमाजिक घटना हुआ ही नहीं.

बल्कि यह मुद्दा असल में एक जमीन विवाद को लेकर है, जिसकी रैयती को दो पक्षों में कुछ समय से विवाद चल रहा है. दूसरे पक्ष का कहना है कि विवादित जमीन उनका है, लेकिन चंदन पाहन व्यक्ति का कहना है कि वो जमीन सिर्फ उसका है और वहां रह रहे लोग फर्जी हैं.

वहीं सरहुल के झंडे को अपमानित करने की बात पर दूसरे पक्षों का कहना है कि वे 25 अप्रैल को झंडे को उतार कर अपने घर ले जा रहे थे और सरना झंडे को सुजाता मुंडा और राम मुंडा द्वारा फेका जा रहा था जो समाज में नफरत फैलाने की चाल थी. एक वायरल सीसीटीवी फूटेज में देखा जा सकता है कि सुजाता मुंडा और राम मुंडा बोरा में झंडा लेकर आते हैं और मैदान में फेंक कर चले जाते हैं. इसके बाद से सुजाता और राम दोनों घर से फरार हैं.

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