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झारखंड: सरना धर्मकोड की मांग को लेकर राजभवन पर कल जुटेंगे हजारों आदिवासी

Posted on October 17, 2022 - 3:31 pm by

नेहा बेदिया

‘आदिवासी धर्मकोड’ की मांग को लेकर 18 अक्टूबर 2022 को झारखंड की राजधानी रांची में धरना-प्रदर्शन की जाएगी. यह धरना-प्रदर्शन आदिवासी सेंगेल अभियान के तहत राजभवन में आयोजित किया जा रहा है. इसका नेतृत्व स्वयं अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष और झारखंड राज्य के पूर्व सासंद सालखन मुर्मू करेंगे.

पांच राज्यों के प्रतिनिधि जुटेंगे

मंगलवार होने वाले इस धरना-प्रदर्शन में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ वीर शहादत भगवान बिरसा मुण्डा और सिदो मुर्मू के बैनर व पोस्टर लगाए जाएंगे. देश के झारखंड, बिहार, ओडिशा, असम और बंगाल से प्रतिनिधि जुटेंगे. इसके समर्थन के लिए करीब 10 हजार से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे. हांलाकि धरना-प्रदर्शन का निर्धारित समय दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक का रहेगा,  लेकिन शामिल होने वाले प्रतिनिधि सुबह 10 बजे से ही जुटने लगेंगे.

30 तक सरना कोड नहीं, तो होगी रेल चक्का जाम

सालखन मुर्मू ने कहा कि यदि 20 नवंबर 2022 तक  केंद्र सरकार द्वारा सरना धर्म कोड की मान्यता को लेकर  कोई अहम फैसला नहीं सुनाती है,  तो आगामी 30 नवंबर 2022 को बड़े पैमाने पर रेल-रोड चक्काजाम किया जाएगा. इस मांग को सफल बनाने के लिए मुर्मू ने आदिवासी जनता और विभिन्न संगठनों से समर्थन की गुहार लगाई है. उन्होंने जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक मामले की सुनवाई को लेकर जाने की भी बात कही है.

बता दे कि सत्ता में आते ही हेमंत सरकार ने नवंबर 2020 में ‘आदिवासी सरना धर्म कोड बिल’ को सर्वसम्मति के साथ पास किया था. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा था कि ऐसा करने से आदिवासी संस्कृति और धार्मिक आज़ादी की रक्षा की जा सकेगी.

इस बिल के पास किए जाने के बाद से आदिवासियों में केंद्र सरकार द्वारा निर्णय लिए जाने का इंतजार है. इस मामले पर कोई सुनवाई नहीं होता देख विभिन्न आदिवासी संगठनों ने इसकी मान्यता के लिए अभियान शुरू कर दिया. यही कारण है कि आदिवासी अधिकारों की मांग को लेकर आज आदिवासी सेंगेल अभियान ‘करो या मरो’ के तर्ज पर आ पहुंचा है.

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