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झारखंड: बैंक से आदिवासी परिवार के पैसे गायब, बैंक प्रबंधन की भूमिका पर सवाल

Posted on January 24, 2023 - 5:12 pm by

पैसे कमाने के बाद सुरक्षित रखने के लिए बैंक में रखता है. लेकिन अगर बैंक से भी पैसे चोरी हो जा रही है. ऐसा ही मामला लातेहार से आया है. जिसके बैंक से पैसे गायब होने से आदिवासी परिवार की नींद उड़ी हुई है. दरअसल, एक सरकारी बैंक शाखा से एक खाताधारक के खाते से तीन लाख रुपये गायब हो गए हैं. जिसके बाद पिछले कई महीने से परिवार बैंक के चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन अबतक पैसे का भुगतान नहीं हुआ है. रोहित दावा करते हैं कि सबूत के तौर पर बैंक के द्वारा स्टेटमेंट प्राप्त हुआ है. बाद में होल्ड डिलीट तो जरूर हुआ, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद भी पैसा रोहित के खाते में नहीं आ सका. ऐसे में इस केस में बैंक प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठना लाजमी है.

पूरे मामले को समझे

झारखंड के लातेहार जिले के गारू प्रखंड के कोटाम पंचायत निवासी रोहित उरांव ने बैंक पर ठग्गी करने का आरोप लगाया है. रोहित के अनुसार मार्च 2022 में उनके पिता अर्जुन उरांव ने केरल में 3 साल मजदूर कर खाता में 3 लाख रुपये भेजे थे. जिसमें 36000 हजार रुपये पहले से ही खाते में जमा थी. जब वह उक्त राशि निकालने के लिए शाखा पहुंचे तो सीएसपी खाता से इतनी राशि निकासी नहीं होने का हवाला देकर शाखा प्रबंधक के द्वारा बैंक में नया खाता खुलवाने पर पैसा खाता में भेजने की बात कही गई. खाता खुलवाने के कई महीने बीत जाने के बाद भी उक्त राशि रोहित उरांव के खाता में नहीं आ सका. जिससे पूरा परिवार परेशान हैं.

तीन साल की कमाई का कोई जानकारी नहीं

रोहित उरांव ने बताया कि नया खाता खुलवाने के बाद मात्र 36000 हजार रुपये ही खाते में आया है. बाकी के 3 लाख रुपये का अबतक भुगतान नहीं हो पाया है और शाखा प्रबंधक के द्वारा अब खाता में पैसे नहीं है कहकर बैंक से भगा दिया जाता है. जिससे पूरा परिवार रोने को विवश है.

रोहित की मां मुनिया देवी के अनुसार रोहित के पिता बाहर मजदूरी करते हैं. घर ख़र्च के लिए उन्होंने 3 साल की कमाई लगभग 3 लाख रुपये भेजे थे, जबकि खाता में पहले से 36 हजार रुपये मौजूद था. तमाम कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद भी उक्त राशि का भुगतान अबतक नहीं हो सका है. बैंक जाने पर शाखा प्रबंधक के द्वारा खाते में पैसा नहीं होने का हवाला देते हुए पासबुक फेंककर हमलोगों को बैंक से भगा दिया जाता है. मुनिया देवी ने बताया कि हमलोग काफी गरीब है. किसी तरह खेती किसानी और मजदूरी करके भरण पोषण कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि बैंक से पैसे नहीं निकलने के कारण बेटी के विवाह के लिए लोन लेना पड़ा है.

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