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झारखंड: प्रेम जाल में फंसा कर, बेची जाती है आदिवासी युवतियां

Posted on March 14, 2023 - 1:24 pm by

झारखंड में आदिवासी युवती की हत्या मामले में गिरफ्तार देवघर जिले के माथाडंगाल निवासी अरबाज आलम ने हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने कई अपराध स्वीकार किए हैं. स्थानीय अखबार दैनिक जागरण के रिपोर्ट के अनुसार आदिवासी युवतियों को प्रेम जाल में फंसा कर शहरों में बेचा जाता है.

आरोपी कई लड़कियों को प्रेमजाल में फंसा कर अलग-अलग शहरों में बेच चुका है. बता दें कि दो दिन पहले उसे साहिबगंज जिले के बरहेट के संजौली गांव निवासी आदिवासी युवती सुशीला हांसदा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

मृतका सुशीला हांसदा

सुशीला को भी वह 50 हजार में बेचना चाह रहा था और विरोध करने पर पत्नी व दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी. अबतक की पूछताछ में सामने आया है कि अरबाज खुद को आदिवासी बताकर लड़कियों को झांसे में लेता था.

क्या है सुशीला हांसदा हत्याकांड

मामला बीते साल 12 जनवरी 2022 है, जहां झारखंड में देवघर के पालोजोरी थाना क्षेत्र के माथाडंगाल निवासी अरबाज आलम ने अपनी पत्नी और अन्य साथियों के साथ मिलकर सुशीला हांसदा की हत्या कर दी थी. इसके बाद साक्ष्य छुपाने के लिए उसकी लाश को शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के भुगतानडीह जंगल में जाकर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी.

अरबाज सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर दर्जनों आदिवासी लड़कियों को फंसा चुका है. इसके बाद उन्हें बेच देता है. एक बच्चे की मां सुशीला हांसदा भी इसी हिस्से का शिकार बनी. जिसमें सुशीला को पहले प्रेम जाल में फंसाया और शादी का झासा दिया. इसी उसने सुशीला को बेचने का फैसला भी कर लिया, लेकिन इस बात की भनक सुशीला को लग गयी और उसने शोर मचाना शुरू किया.

इसके बाद अरबाज ने अपने साथी के साथ मिलकर सुशीला के सिर पर किसी लोहे की रॉड से प्रहार कर दिया, जब सुशीला तड़पने लगी तो दोनों ने उसकी गला दबा कर उसकी हत्या कर दी. पुलिस ने इस मामले में अरबाज आलम, उसकी पत्नी मिसलता टूडू उर्फ रेहिना, साथी साहिल अंसारी व सुंदरा फलान गांव की 26 वर्षीय प्रियंका मुर्मू को दुमका से गिरफ्तार किया है.

पुलिस के एक बयान के अनुसार सुशीला हांसदा 11 जनवरी 2022 को अरबाज के कहने पर अपने घर से दुमका आई थी और दुमका के रास्ते शिकारीपाड़ा पहुंच गई. जब वह घर नहीं पहुंची तो उसके भाई ने सोचा कि वह कहीं काम पर लग गई होगी, लेकिन जब कई माह बीत जाने पर भी वह घर नहीं लौटी तो 5 अगस्त 2022 को बरहेट थाने में भाई ने बहन की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने सुशीला की खोजबीन शुरू की.

खुद को आदिवासी बताकर फंसाता था आरोपी

दैनिक जागरण के रिपोर्ट के अनुसार आरोपी अरबाज आदिवासी लड़कियों को अपना नाम आर्यन मुर्मू, आर्यन सोरेन, आर्यन हेंब्रम आदि बताता था. सुशीला की खोज में जुटी बरहेट की पुलिस ने दो अन्य युवतियों को भी मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाया है. इनमें एक युवती गोड्डा तो दूसरी दुमका की है. दोनों को उत्तर प्रदेश के बरेली ले जाकर अधिक उम्र के पुरुषों से उनकी शादी करा दी गई.

गांव की कई लड़कियों को बेचने का आरोप

आदिवासी गांव में संताल परगना की कई युवतियों को बेचने की बात सामने आई है, जिसमें अरबाज आलम ने एक आदिवासी युवती मिसलता टुडू से प्रेम विवाह किया. बाद में उसका नाम रेहिना रख दिया. मिसलता ने पहले पति व बच्चे को छोड़कर उसने अरबाज से शादी की है. मिसलता भी मोबाइल चोरी करने के मामले में आरोपित रही है.

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