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झारखंड: आदिवासी सलाहकार समिति की बैठक में कौन से फैसले लिये गए?

Posted on November 24, 2022 - 3:06 pm by

झारखंड में आदिवासी सलाहकार समिति (टीएसी) की तीसरी बैठक की गई. इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की. जिसमें झारखंड के 13 अनुसूचित जिलों में नगर निगम के मेयर और नगर परिषद अध्यक्ष जैसे एकल पद को गैर जनजातियों के लिए आरक्षित करने पर असहमति जताई है. साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा हाल ही में जारी आरक्षण रोस्टर को गलत बताया.

नगर निकाय चुनाव टल गया है

अब महाधिवक्ता की राय लेकर केंद्र सरकार से आरक्षण रोस्टर के पहले के प्रावधानों को यथावत रखने की अनुशंसा की जाएगी. इससे पहले कैबिनेट से इसकी मंजूरी ली जाएगी. टीएसी के इस फैसले से राज्य के 48 नगर निकायों का चुनाव फिलहाल टल गया है. अब यह चुनाव मार्च या अप्रैल में होने की संभावना है.

बता दें कि राज्यपाल रमेश बैस ने 21 नवंबर को राज्य सरकार द्वारा भेजे गए नगर निकाय चुनाव के कार्यक्रम पर सहमति दे दी थी. लेकिन निर्वाचन आयोग ने 23 नवंबर को चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी नहीं की. जबकि प्रस्तावित कार्यक्रम में 24 नवंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी है और 19 दिसंबर को मतदान की तिथि तय है.

अनुसूचित जिलों में गैर आदिवासियों से आरक्षित नहीं मिलने से टकराव

वहीं टीएसी के फैसले से आदिवासियों और मूलवासियों में टकराव की संभावना बढ़ गई है. इससे पूर्व पंचायत चुनाव में ओबीसी को आरक्षण नहीं मिलने से विरोध देखा गया था. अब अनुसूचित जिलों में मेयर और अध्यक्ष के पद पर गैर एसटी को चुनाव नहीं लड़ने देने से टकराव होने के आसार हैं.

बता दें कि नगर निकायों में आरक्षण रोस्टर बनाने के लिए केंद्र सरकार की नियमावली तय है. इसके तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने निकायों का संशोधित आरक्षण रोस्टर जारी किया था. हालांकि बदलाव तभी किया जा सकता है, जब टीएसी की अनुशंसा पर केंद्र सरकार सहमति देती है. इधर 2020 में ही धनबाद-चास सहित 14 निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका है. लेकिन कोरोना के कारण यहां चुनाव स्थगित कर दिया गया था. रांची सहित अन्य नगर निकायों में अप्रैल 2023 में कार्यकाल पूरा होगा.

झारखंड के जिले जो अनुसूचित क्षेत्रों में आते हैं

रांची के 13 अनुसूचित जिलों में रांची, लोहरदगा, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लातेहार, पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़ और जामताड़ा शामिल हैं. आरक्षण रोस्टर के मुताबिक रांची नगर निगम के मेयर का पद एससी के लिए आरक्षित हो गया है. वहीं पूर्वी सिंहभूम के मानगो नगर निगम के मेयर का पद अनारक्षित कर दिया गया है. इसी तरह कई नगर-परिषद अध्यक्ष का पद भी गैर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है.

बैठक में टीएसी ने राज्य के पर्यावरण और आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करते हुए इको-टूरिज्म को प्रोत्साहित करने का भी निर्णय लिया. जिसमें पर्यावरण और जनजातीय संस्कृति का संरक्षण कर इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके साथ लघु वन उत्पाद की खरीद- बिक्री के लिए सिदो-कान्हू कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड को प्रभावी बनाया जाएगा. वनाधिकार अधिनियम के तहत अधिक से अधिक सामुदायिक पट्टे दिए जाएंगे. जनजातीय भाषा में पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई और जनजातीय भाषाओं के उपयोग पर डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान से अध्ययन कराकर नीति बनाई जाएगी. जनजातीय भाषाओं के शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज की जाएगी. इसके अलावा होड़ोपैथी के वैज्ञानिक विश्लेषण, अध्ययन, अनुसंधान और प्रकाशन पर भी जोर दिया जाएगा.

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