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झारखंडः 80 साल के फौजी, 156 किलोमीटर पैदल चल हेमंत सोरेन से मिलने क्यों आए? रोचक है कहानी

Posted on March 15, 2023 - 12:22 pm by

1971 के पाकिस्तान युद्ध में दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाले 80 साल के नायक पोदना बलमुचू को 52 साल बाद न्याय मिला. चाईबासा से 140 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी व्यथा सुनाने रांची पहुंचे थे. नायक पोदना बलमुचू अपने हक और अधिकार को लेकर बेटी व परिजनों संग चाईबासा से 4 दिन तक लगातार पैदल चल मुख्यमंत्री से मिलने रांची पहुंचे थे.

युद्ध के बाद सरकार ने खेती के लिए पांच एकड़ जमीन देने का वायदा किया था, जो अबतक पूरा नहीं हुआ था. सीएम हेमंत सोरेन ने इस नायक की व्यथा सुनने के बाद तत्काल चाईबासा उपायुक्त को उन्हें पांच एकड़ जमीन देने का निर्देश दिया.

जैसे ही मुख्यमंत्री ने यह बात कही, कमजोर हो चुके शरीर और कांपते हाथों में मांगपत्र पकड़े नायक पोदना बलमुचू की आंखों से आंसू छलक पड़े. वह अपने परिजनों के साथ चाईबासा से 140 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी व्यथा सुनाने रांची पहुंचे थे.

बता दें कि पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के बाद सरकार ने खेती के लिए पांच एकड़ जमीन देने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ था. तब नायक ने पांच दिनों तक पत्नी व परिवार के साथ उपायुक्त कार्यालय पर धरना दिया था, इसके बाद सोमवार को मुख्यमंत्री से मिले.

नायक पोदना बलमुचू सीएम हेमंत सोरेन से मिलते हुए

कौन हैं नायक पोदना बलमुचू

नायक पोदना बलमुचू वर्ष 1971 के पाकिस्तान युद्ध(पूर्वी पाकिस्तान जो अब बांग्लादेश है) में दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए जाने जाने जाते हैं. वर्ष 1965 में समर सेवा स्टार मेडल तथा वर्ष 1971 में पूर्वी स्टार मेडल से सम्मानित हो चुके हैं. पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में नायक बलमुचू को दायें पैर में गोली लगी थी. जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. पुणे में चार माह इलाज के बाद अपने घर लौट गए थे. तब सरकार द्वारा उन्हें पांच एकड़ जमीन खेती के लिए, पत्नी को नौकरी तथा सिंचाई का कुआं देने का आश्वासन दिया गया था.

4 दिन तक पैदल चलकर रांची पहुंचे थे बलमुचू

नायक पोदना बलमुचू अपने हक और अधिकार को लेकर बेटी व परिजनों संग चाईबासा से 4 दिनों तक लगातार पैदल चल सीएम से मिलने रांची पहुंचे थे. उसके बाद सीएम से मिल सरकार द्वारा उस समय दी गई 5 एकड़ जमीन और अन्य सुविधाओं की मांग को रखा. नायक की परेशानी जानने के बाद सीएम के निर्देश पर प्रधान सचिव विनय चौबे ने तत्काल फोन कर प. सिंहभूम के उपायुक्त अनन्य मित्तल को दस दिनों के अंदर 5 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के साथ-साथ सरकार द्वारा दा जाने वाली पेंशन आदि सुविधें भी देने का निर्देश दिया.

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