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कबड्डी ने ली आदिवासी महिला की जान

Posted on October 15, 2022 - 12:34 pm by

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के एक और खिलाड़ी की मौत हो गई. 2 साल पहले इसी तरह धमतरी में भी एक कबड्डी खेल के आयोजन के दौरान युवक की जान चली गई थी. कोंडागांव की रहने वाली आदिवासी महिला की कबड्डी खेलते हुए जान चली गई।

क्या है मामला

मामला कोंडागांव जिले के मांझी बोर्ड मैदान का है. 14 अक्टूबर को यहां छत्तीसगढ़ ओलंपिक का आयोजन किया गया था. गांव की महिला शांति मंडावी यहां कबड्डी खेलने पहुंची थी. खेलते खेलते शांति अचानक बेहोश हो गई वह मैदान पर ही गिर पड़ी. आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लेकर जाया गया. शांति के पति उमेश मंडावी का कहना है कि जिला अस्पताल वालों ने महिला को रायपुर भेजने की बात कह दी. सिटी स्कैन में पता चला कि सिर में ब्लड जम रहा है. परिजनों उसे रायपुर लेकर आए. मगर अस्पताल पहुंचने के 5 मिनट बाद ही डॉक्टर ने शांति को मृत घोषित कर दिया. समय पर नहीं मिली एंबुलेंस रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित प्राइवेट अस्पताल में मौत की खबर सुनकर भाजपा नेता अनुराग अग्रवाल परिजनों से मिलने पहुंचे.

शांति मंडावी की तस्वीर

समय पर एंबुलेंस मिलने पर बच सकती थी जान

कोंडागांव के जिला अस्पताल से जब महिला को रायपुर रेफर किया गया तब वहां सरकारी एंबुलेंस खराब होने का की बात कह दी गई थी, परिजनों से अस्पताल वालों ने कह दिया कि अपने स्तर पर व्यवस्था करके मरीज को रायपुर ले जाएं. मरीज के परिजन देर तक परेशान होते रहे. उन्हें वक्त पर एंबुलेंस नहीं मिली.

यदि एंबुलेंस सही समय पर मिल जाती तो महिला की जान बचाई जा सकती थी. उमेश मंडावी का कहना है कि हमारी मदद करने वाला कोई नहीं, हमें किसी तरह की मदद नहीं मिली. इतना बड़ा खेल आयोजन हो रहा है वहां मेडिकल सुविधा होनी चाहिए थी. मगर वहां मेडिकल सुविधा नहीं थी. यदि होती तो मेरी पत्नी की जान इस तरह से नहीं जाती. 1 सप्ताह में दूसरी मौतछत्तीसगढ़िया ओलंपिक में खेल के दौरान हुई यह मौत का दूसरा मामला है. पहली घटना रायगढ़ में हुई जहां एक युवक इसी तरह कबड्डी खेलते हुए दूसरे युवक से टकराकर जमीन पर गिरा और उसकी मौत हो गई. और अब कोंडागांव का यह मामला सामने आया है, जिसकी वजह से आयोजन विपक्ष के लिए बड़ा सियासी मुद्दा बन चुका है.