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केरल:  बीमार 74 वर्षीय आदिवासी महिला को 40 किमी दूर कोर्ट में पेशी के लिए मजबूर किया गया

Posted on March 9, 2023 - 12:01 pm by

केरल के कलपट्टा की एक अदालत में पेश होने के लिए 74 वर्षीय बीमार आदिवासी महिला को मजबूर किया गया. जबकि बुजुर्ग आदिवासी महिला शारीरिक और मानसिक बीमारियों से पीड़ित है. यह मामला मुथंगा भूमि संघर्ष मामले की सुनवाई को लेकर थी.

महिला का नाम मारी बताया जा रहा है. जो केरल के वायनाड जिले के कलपट्टा के बाथेरी में स्थित मुक्किलादी ऊराली में कॉलोनी की रहने वाली है. पुलिस और केंद्रीय जांच ब्यूरो के अधिकारियों ने मंगलवार को जिला सत्र न्यायालय के समक्ष पेश किया.

वह महिला किसी के सहारे के बिना खड़ी भी नहीं हो सकती, लेकिन अदालत तक पहुंचाने के लिए अनुसूचित जनजाति विभाग द्वारा ऑटोरिक्शा में 40 किलोमीटर सफर करना पड़ा. मुकदमे की कार्यवाही समाप्त होने तक उन्हे अदालत में लगभग दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा.

हालांकि महिला को दो निजी मुचलके भरने पर जमानत दी गई थी, लेकिन अदालत ने अब उसे 20 मार्च को अगली सुनवाई के लिए पेश होने का निर्देश दिया है.

मारी को उनके पति कलां के साथ मुथंगा जंगलों से बेदखल कर दी गई थी और बाद में मुथंगा आंदोलन को लेकर एक आपराधिक मामले में अभियुक्त के रूप में उन पर मुकदमा चलाया गया था. इस प्रकरण के सिलसिले में पति-पत्नी की जोड़ी को अपने दो बच्चों सहित कई दिन जेल में भी बिताने पड़े.

फरवरी 2003 में वायनाड जिले के मुथांगा गांव में उन आदिवासियों पर पुलिस के द्वारा फायरिंग की गई थी, जो केरल सरकार की ओर से जमीन आवंटित करने में देरी के खिलाफ विरोध कर रहे थे, जिसका वादा पहले किया गया था. यह आंदोलन आदिवासी गोत्र महा सभा (AGMS) द्वारा आयोजित किया गया था.

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