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केरल: लिखित और शारीरिक परीक्षा के बाद भी नौकरी नहीं मिली, जानिए क्यों?

Posted on December 26, 2022 - 1:01 pm by

केरल के पलक्कड़ जिले के अट्टापडी के रहने वाले एक आदिवासी युवक को कथित तौर पर लिखित और शारीरिक परीक्षा पास कर ली. इसके बाद भी बीट फॉरेस्ट ऑफिसर की नौकरी से वंचित कर दिया गया था. कारण है उसके दांत बाहर निकले हुए थे.

क्या है पूरा मामला

केरल की कुरुम्बर जनजाति घोर गरीबी के बीच रहती है. अपने अस्तित्व के लिए जंगल पर बहुत अधिक निर्भर है. मुथु ने केरल लोक सेवा आयोग की परीक्षा बीट वन अधिकारी के लिए आवेदन की थी. उन्होने लिखित परीक्षा भी निकाल ली थी. उनकी सरकारी नौकरी पाने का सपना पूरा होने ही वाला था. उन्होने कई कठिनाई पार करते हुए भी लिखित परीक्षा पास की. जो कि भर्ती होने का पहला चरण था. दूसरे चरण शारीरिक परीक्षण को भी उन्होने आसानी से पार कर लिया.

हालाँकि, स्थिति तब बदल गई जब मुथु भर्ती के तीसरे चरण एक चिकित्सा परीक्षण  के लिए उपस्थित हुए. जिस डॉक्टर ने उसकी जांच की,  उन्होने उसके उभरे हुए दांतों के बारे में एक टिप्पणी की. इसके बाद साक्षात्कार के चरण के दौरान कथित तौर पर उसे नौकरी से हाथ धोना पड़ा.

मुथु

ईलाज के लिए 18 हजार जुटाना आसान नहीं

मुथु ने कहा कि बचपन में गिरने के बाद उनके आगे के दांत खराब हो गए थे. चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार उन्हें ठीक करने में लगभग 18,000 रुपये खर्च होंगे. जो कि मुथु के लिए उन्हें ठीक कराने के लिए पैसे जुटाना उनके लिए आसान नहीं था. हालांकि वह इस बात से अनजान नहीं था कि दांत के कारण संभवतः उसे नौकरी से भी अयोग्य घोषित किया जा सकता है.

अट्टापडी के मुक्कली क्षेत्र से जंगलों के अंदर लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर ‘आनावाय’ का एक गांव है.

इस बीच  पीएससी ने कथित तौर पर कहा कि जो कुछ हुआ है वह उसके दिशानिर्देशों के अनुसार कोई नई बात नहीं है. हाइपरडोंटिया और उभरे हुए दांतों को विशेष नियमों के तहत कुछ पोस्टिंग के लिए अयोग्य कारक घोषित किया गया है. मुथु के लिए दुख की बात है कि बीट फॉरेस्ट ऑफिसर की नौकरी भी ऐसा ही एक पद है.

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