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केरल: सरकार पर एचआरडीएस ने लगाया कौन सा आरोप?

Posted on November 19, 2022 - 4:00 pm by

हाई रेंज रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (एचआरडीएस) ने केरल सरकार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है. इसके साथ ही अपने केंद्र को राज्य से बाहर ले जाने का फैसला किया है. बता दें कि एचआरडीएस एक एनजीओ है. यह केरल के अट्टप्पाडी में आदिवासी कल्याण परियोजनाओं से जुड़ी हुई है.

SCST आयोग ने NGO पर आदिवासियों की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर शिकायत की है

बता दें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग ने पहले ही शिकायत की है. इसके अलावा NGO पर जांच के लिए कहा है. SCST आयोग का आरोप है कि एनजीओ ने आदिवासियों की भूमि पर अतिक्रमण किया है. एजी कृष्णन आदिवासियों पर हमले और उनकी जमीन की जब्ती के मामले में भी आरोपी हैं. सरकार ने एचआरडीएस को अट्टप्पाडी में आदिवासी समुदाय के लिए घर बनाने से प्रतिबंधित कर दिया है. यह एनजीओ द्वारा बनाए गए घरों को इलाके के लिए अनुपयुक्त पाए जाने के बाद आया. ओट्टापलम के सब कलेक्टर द्वारा निर्माण पर प्रतिबंध जारी किया गया था. जिसके बाद अट्टप्पाडी नोडल अधिकारी ने एक आदेश जारी किया. था.

लगा था सोने की तस्करी का आरोप

इस साल फरवरी में हुए सनसनीखेज सोने की तस्करी के मामले में मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश को ठहराया गया था. इसके बाद आरोपी स्वप्ना को काम पर रखने से एचआरडीएस सुर्खियों में छा गया. हालांकि स्वप्ना को महिला अधिकारिता प्रभाग के तहत कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व अनुभाग के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था. लेकिन संगठन ने जुलाई में सरकारी हस्तक्षेप का हवाला देते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया था. उसके रोजगार को रद्द करने पर एचआरडीएस ने बयान दिया था कि चार महीने पहले स्वप्ना सुरेश को नौकरी देने के लिए एचआरडीएस राजकीय आतंक का शिकार हो गया है.

एचआरडीएस के सचिव अजी कृष्णन का कहना है कि संगठन के कार्यालयों पर अब भी अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से छापे मारे जाते हैं. वह पूछते हैं कि सरकार हमसे क्यों डरती है. वहीं अजी कृष्णन का आरोप है कि जब से स्वप्ना सुरेश ने उनके लिए काम करना शुरू किया है, तब से सरकार एचआरडीएस को परेशान कर रही है.

यह NGO कल्याणकारी योजनाओं पर काम करती है

जानकारी हो कि वर्ष 1995 में एचआरडीएस स्थापित हुआ था. यह केरल, तमिलनाडु, गुजरात, त्रिपुरा, असम और झारखंड में फैले आदिवासी क्षेत्रों में काम करता है. इसकी वेबसाइट के अनुसार एचआरडीएस इंडिया मुख्य रूप से उत्पीड़ितों, विशेष रूप से जनजातियों के जीवन स्तर के उत्थान पर ध्यान केंद्रित करता है. पूरे भारत में कई कल्याणकारी परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जो कई आदिवासी परिवारों को सीधे शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका जैसे विभिन्न क्षेत्रों में शुरू की गई परियोजनाएं और महिला सशक्तिकरण पर लाभान्वित करती हैं.

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