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केरल: गर्भवती महिला को कपड़े के सहारे अस्पताल ले जाने वाले मामले में महिला आयोग ने लिया संज्ञान

Posted on December 13, 2022 - 12:06 pm by

केरल में गर्भवती महिला को रविवार को कपड़े का स्ट्रेचर बनाकार तीन किलोमीटर चलने वाले मामले को राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लिया है. राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने मामले की जांच के निर्देश जारी करने के लिए केरल सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है.

उन्होने कहा है कि सभी के लिए मूलभूत आवश्यकताओं की पहचान करना और उनकी पहुंच सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी है.

महिला आयोग ने मामले में की गई कार्रवाई के संबंध में 5 दिनों के भीतर अवगत कराने की मांग की है. पत्र की एक प्रति  केरल सरकार के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) को भी भेजी गई है.
क्या है पूरा मामला सुमति मुरूकन नाम की महिला को रविवार को देर रात 12.45 बजे प्रसव पीड़ा हुई. लेकिन उसे अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कोई एंबुलेंस या अन्य वाहन उपलब्ध नहीं था. सुमति के परिवार ने पुथूर के आदिवासी अस्पताल से संपर्क किया और नर्स प्रिया जॉय ने एंबुलेंस जल्द उपलब्ध होने का आश्वासन दिया. कई कॉल के बाद एक एंबुलेंस गर्भवती महिला को लाने को तैयार हुई. लेकिन वह उसके आवास से केवल 3 किमी की दूरी तक ही पहुंच सकी. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और गर्भवती महिला के परिजनों ने समय बर्बाद न करते हुए उसे कपड़े के जरिए बांधकर तीन किलोमीटर तक पैदल चले. इस क्षेत्र में हाथी और तेंदुए जैसे जंगली जानवरों को अक्सर देखा जाता है. गर्भवती महिला सुमति मुरूकन को अनवयल से अस्पताल ले जाया गया जहां उसने बच्चे को जन्म दिया था.

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