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जानिए, अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित आदिवासी युवती की पुस्तक ‘the confused mind’ क्या है

Posted on March 21, 2023 - 10:55 am by

झारखंड की आदिवासी युवती निवेदिता डांग को गोल्डन बुक अवार्ड से सम्मानित किया गया है. उनके द्वारा लिखित किताब ‘द कन्फ्यूज्ड माइंड’ को लिटरेरी फिक्शन की कैटेगरी में यह अवार्ड मिला है. बता दें कि विंग्स पब्लिकेशन इंटरनेशनल द्वारा इस बुक अवार्ड कार्यक्रम को विश्व के कई देशों में आयोजित किया जाता है. ताकि दुनिया के बेहतरीन लेखकों को पहचान मिल सके.

अपने लिखित किताब के नॉमिनेशन के बारे में बताती हैं कि उन्होंने बस यूंही नॉमिनेशन के लिए दे दिया था। उन्हें कोई अंदाजा नहीं था की उनकी किताब चयनित होगी और यहां तक कि अवार्ड से नवाजी जाएगी। वो कहती हैं कि इस अवार्ड के मिलने से आज वही लोग बधाइयां दे रहे हैं जो पहले उनके लिखने का उपहास उड़ाते थे।

ट्राइबल खबर से बातचीत में निवेदिता डांग ने बताया कि वो किताबें लिखने के साथ कविताएं और गाने भी लिखती हैं। खास तौर पर वो मसीही गीत लिखती और बनाती भी हैं।
गोल्डन बुक अवार्ड से सम्मानित होने पर निवेदिता बताती हैं कि वो बहुत खुश हैं। उन्हें यह मालूम नहीं था कि गोल्डन बुक अवार्ड एशिया का सबसे प्रतिष्ठित अवार्ड है। उन्हें अवार्ड के बारे में जानकर बहुत आश्चर्य हुआ कि यह कई नामचीन लोगों को भी मिल चुका है।

निवेदिता डांग द्वारा लिखी किताब ‘ द कन्फ्यूज्ड माइंड ‘ में एक महिला की कहानी बताई गई है, जिसका नाम श्रेया है। यह एक फिक्शन लिट्रेरी लेखन है, जो श्रेया की मानसिकता के सफर को बयां करता है। इस कहानी में बताया गया है कि कैसे श्रेया की जिंदगी उसके सोच से बिल्कुल विपरीत हो जाती है। उसे एक मोड़ पर लगता है कि जिंदगी में सिर्फ धोखा और निराशाएं हैं। उसे यह प्रतीत होता है की उसके सपने खत्म हो रहे हैं और उसका वजूद भी मिट रहा है।
निवेदिता बताती हैं कि किताब पढ़कर यह जानना दिलचस्प लगेगा कि श्रेया किस तरह से इस दलदल से निकलती है, कैसे अपने सपनों को पूरा करती है और कौन उसका साथ देते हैं।

आदिवासी से जुड़ी कोई किताब लिखने की अपनी सोच पर निवेदिता डांग कहती हैं कि हमारा आदिवासी समाज बहुत गहरे इतिहास और विरासत से भरा हुआ है। वो कोशिश करेंगी कि आगे चल कर आदिवासी पर किताब लिखे। लेकिन इसके लिए उन्हें काफी संशोधन करना होगा क्योंकि वो नहीं चाहतीं कि बिना कोई जांच पड़ताल के आदिवासियों पर कुछ लिखे और उनकी सोभा से किसी तरह का समझौता करे।

निवेदिता डांग फिल्हाल अपने पांचवे किताब पर काम कर रहीं हैं। अब तक वो कई पुरस्कार, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हासिल कर चुकी हैं, जिसमें से गोल्डन बुक अवार्ड सबसे नया और प्रतिष्ठित अवार्ड है। वर्तमान के नए युवा लेखकों के लिए अपने पर्सनल सुझाव के तौर पर निवेदिता कहती हैं कि जिस विषय पर युवा लेखक लिखना चाहते हैं वो पहले चुन लें। अगर कोई उनके पसंद के वरिष्ठ लेखक हैं तो उनकी किताबें पढ़ें और सीखें। लगातार लोगों को अपनी लेख पढ़ाए और फीडबैक लें, फिर उसपर काम करें। इससे लेखन में सुधार और पॉलिश होगा। इसके साथ ही एक बेहतरीन लेखक बनने के लिए हमेसा अनुशासन में रहना और लगातार प्रयास करते रहना जरूरी है।

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